फोटो 16- सोनीपत बस अड्डे में खड़ी इलेक्ट्रिक बस। संवाद
सोनीपत। ई-बसों पर कार्यरत परिचालकों को अब अपनी हाजिरी लगवाने के लिए बस अड्डा की दौड़ नहीं लगानी होगी। रोडवेज अधिकारियों ने ई-बसों का परिचालन मुरथल स्थित चालक प्रशिक्षण केंद्र से करते हुए अलग ड्यूटी इंस्पेक्टर (डीआई) नियुक्त किया है। साथ ही ई-बसों पर नियुक्त किए गए 12 परिचालकों की हाजिरी भी वहीं से लगाने के निर्देश दिए हैं, जिससे अब परिचालक बस अड्डे पर दौड़ लगाने के बजाय सीधे मुरथल जा सकेंगे।
रोडवेज डिपो में यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा देने के लिए पांच ई-बसें पहुंची थी, जिनका परिचालन कुंडली बॉर्डर तक किया जा रहा है। इन बसों पर चालक कंपनी की तरफ से नियुक्त किए गए हैं, जबकि परिचालक रोडवेज विभाग से हैं। पांच बसों को ऑपरेट करने के लिए दो शिफ्टों में 12 परिचालकों की ड्यूटी लगाई गई है। इन परिचालकों को पहले हाजिरी लगाने के लिए बस अड्डा आना पड़ता था, उसके बाद मुरथल स्थित प्रशिक्षण केंद्र जाते थे। परिचालकों की सुविधा के लिए मुरथल चालक प्रशिक्षण केंद्र में श्रीपाल को ड्यूटी इंस्पेक्टर नियुक्त किया है। साथ ही एक कंप्यूटर ऑपरेटर की भी ड्यूटी लगाई है। ई-बसों के परिचालकों की हाजिरी व ड्यूटी का शेड्यूल अब मुरथल से ही ऑपरेट किया जाएगा।
बस चार्ज करने के लिए हैं दो पॉइंट
मुरथल स्थित चालक प्रशिक्षण केंद्र पर ई-बसों को चार्ज करने के लिए दो चार्जिंग पॉइंट बनाए गए हैं। जिन पर एक समय में दो बसें ही चार्ज की जा सकती हैं। एक बस को चार्ज करने में एक घंटे का समय लगता है। चार्ज होने के बाद बस 240 किलोमीटर तक सफर तय कर सकती है। अधिकारियों का कहना है कि अगर समय का अभाव हो तो दोनों चार्जिंग प्वाइंट को एक कर आधे घंटे में भी बस को चार्ज किया जा सकता है।
-
ई-बसों पर जिन परिचालकों की ड्यूटी लगाई गई है, उनकी हाजिरी अब मुरथल चालक प्रशिक्षण केंद्र से ही लगेगी। इसके लिए अलग से डीआई नियुक्त कर दिया है। साथ ही कंप्यूटर सहित पूरा सेटअप तैयार कर दिया है। अब परिचालकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। मुरथल में फिलहाल दो चार्जिंग प्वाइंट बनाए हैं, अन्य बसें आने पर इन्हें बढ़ाया जाएगा।
- सुरेंद्र दुग्गल, संस्थान अधीक्षक, रोडवेज डिपो, सोनीपत