हरियाणा के सोनीपत के राई क्षेत्र में गांव सफियाबाद में नवरात्र पर अष्टमी के दिन पड़ोसी के घर प्रसाद खाने गए बच्चे की शीतल पेय के धोखे में तेजाब पीने से मौत हो गई। पुलिस ने बच्चे के पिता के बयान पर पड़ोसी दंपती के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं पुलिस ने खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया।
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिला लखीमपुर खीरी के थाना मंगेरु गंज के गांव फतेपुर निवासी हरिपाल ने कुंडली थाना बारोटा चौकी पुलिस को बताया कि वह फिलहाल परिवार सहित सफियाबाद में रहते हैं। शुक्रवार को वह अपनी पत्नी के साथ फैक्टरी में काम पर चले गए। उनके तीन बच्चे घर पर थे।
उनके तीनों बच्चे पड़ोस में किराये के मकान में रहने वाले महेंद्र और नीलम के कमरे पर अष्टमी का प्रसाद खाने चले गए। उनको सूचना मिली कि उनके बेटे प्रिंस (6) की तबीयत खराब हो गई है। उन्होंने महेंद्र से बात की तो उसने बताया कि वह उनके बेटे को नरेला के सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में लेकर गए हैं।
वह अस्पताल में पहुंचे तो उन्हें अपने बेटे के बारे में कोई खबर नहीं मिली। इसके बाद शाम को साढ़े छह बजे पता चला कि महेंद्र और नीलम उनके बेटे प्रिंस को कमरे पर छोड़ गए हैं। इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ कमरे पर पहुंचे। प्रिंस ने बताया कि उसे पेट में दर्द हो रहा है। इसके बाद वह बेटे को लेकर फिर से नरेला के अस्पताल पहुंचे। वहां पर चिकित्सक ने उनके बेटे को मृत घोषित कर दिया।
शीतल पेय की जगह तेजाब पीने का लगा पता
हरिपाल का कहना है कि उन्हें पता चला कि महेंद्र और नीलम ने पानी के जग के पास शीतल पेय की बोतल में तेजाब डालकर रखा था। उनके बेटे प्रिंस ने बोतल में रखे तेजाब को शीतल पेय समझ कर पी लिया। इससे उनके बेटे की मौत हो गई। हरिपाल का आरोप है उनके बेटे की मौत महेंद्र और उसकी पत्नी नीलम की लापरवाही की वजह से हुई है।
खानपुर में कराया पोस्टमार्टम
पुलिस के अनुसार नरेला से प्रिंस के शव को परिजनों की मदद से सोनीपत के नागरिक अस्पताल में ले आए थे। जहां पोस्टमार्टम कराया जाना था। फोरेंसिक एक्सपर्ट नहीं होने के चलते शव को खानपुर महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भेज दिया गया। जहां पर शनिवार शाम को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। परिजन शव को लेकर उत्तर प्रदेश चले गए।