सोनीपत। आबकारी व कराधान विभाग ने वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना के तहत अब तक 554 व्यापारियों व उद्योगपतियों से कर वसूल किया है। व्यापारियों व उद्योगपतियों ने इस योजना का लाभ उठाते हुए 4.95 करोड़ रुपये विभाग को जमा कराए हैं। इस पर विभाग की ओर से उन व्यापारियों व उद्योगपतियों का 4.69 करोड़ रुपये ब्याज व 5.74 करोड़ रुपये पैनल्टी माफ की है। जीएसटी पंजीकृत व्यापारी और उद्योगपति 30 मार्च तक योजना का लाभ उठा सकते हैं।
व्यापारियों व उद्योगपतियों के बकाया टैक्स से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए विभाग ने ओटीएस योजना के तहत छूट दे रखी है। योजना के तहत जीएसटी से पहले सात कर अधिनियमों से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए चार श्रेणियों के तहत ब्याज में छूट दी गई है। योजना में स्वीकृत कर के तहत 100 फीसदी कर का भुगतान करने पर ब्याज पूरी तरह से माफ हो जाएगा। इसी प्रकार से विवादित कर के तहत 50 लाख रुपये तक की कर राशि का 30 फीसदी व 50 लाख से ऊपर की राशि में 50 फीसदी कर का भुगतान करने पर ब्याज व दंड राशि शून्य हो जाएगा। निर्विवादित कर श्रेणी के तहत 50 लाख रुपये से कम या बराबर के मामले में मूल कर का 40 फीसदी व अन्य सभी मामलों में 60 फीसदी जमा करवाने पर ब्याज राशि शून्य हो जाएगी।
ईटीओ संगीता डबास ने बताया कि अंतरीय कर के तहत 30 फीसदी कर राशि जमा करने पर ब्याज राशि शून्य हो जाएगी। योजना के तहत व्यापारी और उद्योगपति 30 मार्च तक पोर्टल www.haryana.tax.gov.in आवेदन कर लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा विभाग की ओर से एक ओटीएस हेल्प डेस्क की भी स्थापना की गई है, जिस पर व्यापारी व उद्योगपति वन टाइम सेटलमेंट योजना की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
वर्जन
सरकार की ओर से लागू की गई ओटीएस योजना का 554 व्यापारी व उद्योगपति लाभ उठा चुके हैं। जिन व्यापारियों व उद्योगपतियों ने ओटीएस का लाभ नहीं उठाया है, वह 30 मार्च तक उठा सकते है। 31 मार्च से ब्याज व पैनल्टी समेत बकाया कर वसूल किया जाएगा। -नीलरत्न, उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त, सोनीपत।