सोनीपत। निलंबित पटवारियों के समर्थन में हड़ताल के कारण पटवारखानों में शुक्रवार से काम ठप है। इसकी वजह से 400 इंतकाल व 600 रिहायशी प्रमाणपत्र का कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लोग पटवारखानों पर ताला लटका देखते हैं और लौट जाते हैं।
हड़ताली पटवारियों व कानूनगो ने कहा कि अगर सरकार ने निलंबित साथियों को बुधवार तक बहाल नहीं किया तो 5 फरवरी से शुरू हो रही गिरदावरी वो नहीं करेंगे। दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन, हरियाणा के आह्वान पर सभी 73 पटवारी व 19 कानूनगो हड़ताल पर बैठे हैं।
हड़ताल के चलते आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र व फर्द संबंधी कार्य भी प्रभावित हैं। लोगों की गुहार लगाने के बावजूद पटवारी व कानूनगो जरूरी कागजात को सत्यापन करने को राजी नहीं हैं। धरने में पटवारी मनीष, अनिल, सुधीर, अनुज, कानूनगो राजेश मलिक, जगदीश व रामदास मौजूद रहे।
पहले हो बहाली, फिर करेंगे काम
राज्य महासचिव सन्नी दहिया ने बताया कि 5 फरवरी से प्रदेश स्तर पर रबी फसलों की गिरदावरी शुरू होनी है। इससे पहले सरकार निलंबित पटवारियों को बहाल करे अन्यथा वह फसल गिरदावरी का कार्य नहीं करेंगे। एसोसिएशन की मांग है कि 6 निलंबित पटवारियों को बहाल किया जाए। पटवारियों की तर्ज पर कानूनगो को भी तीन इन्क्रीमेंट का लाभ दिया जाए। नवनियुक्त पटवारियों के लिए मुख्यमंत्री की घोषणा का नोटिफिकेशन जारी किया जाए। रोवर मशीन से पैमाइश के लिए कानूनगो को पूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए अन्यथा धरना जारी रहेगा।
दिसंबर में धरना देकर मुख्यमंत्री से कर चुके मांग
मामले को लेकर पटवारियों व कानूनगो ने 8 दिसंबर 2025 को लघु सचिवालय परिसर में धरना देकर रोष जताया था। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम अधिकारियों को ज्ञापन देकर जल्द छह पटवारियों को बहाल करने की मांग की थी। इनमें जींद से अनिल, गुरुग्राम से सुनील, भिवानी से कृष्ण, कुरुक्षेत्र से जतिन चावला, चरखी दादरी से अमित कुमार व फतेहाबाद से सतपाल शामिल हैं। हड़ताल के बावजूद सरकार ने निलंबित पटवारियों को बहाल नहीं किया है।