सोनीपत। शहर में बढ़ते यातायात दबाव और जाम को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (यातायात) नरेंद्र कादयान ने सोमवार को ट्रैफिक व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने व्यापार मंडल व दुकानदारों के साथ बैठक की और जाम की वास्तविक वजह को समझना और उसका समाधान निकालना था, जिससे लोगों को राहत मिल सके।
बैठक में व्यापारियों और पुलिस ने स्वीकार किया कि शहर में जाम की सबसे प्रमुख समस्या अतिक्रमण है। कई दुकानदार दुकानों के बाहर फुटपाथ और सड़कों पर सामान रखकर जगह घेर लेते हैं, जिससे सड़क संकरी हो जाती हैं। इससे यातायात बाधित होता है। सड़क किनारे अवैध पार्किंग और गलत तरीके से खड़े किए गए वाहन भी जाम की मुख्य वजह हैं।
बाजारों में मालवाहक वाहन में अनियमित समय पर माल उतारने-चढ़ाने से भी जाम की स्थिति बन जाती है। व्यापारियों ने बताया कि प्रशासन ने यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया कि दुकानदार अपनी दुकान के सामने कितनी सीमा तक सामान रख सकते हैं, जिससे भ्रम और विवाद की स्थिति पैदा होती है।
इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए व्यापारियों ने निशानदेही की मांग रखी। बैठक में व्यापार मंडल के जिला प्रधान संजय सिंगला सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
खींची जाएगी पीली लाइन
विस्तृत चर्चा के बाद ट्रैफिक पुलिस ने कई सख्त और प्रभावी कदम उठाने का निर्णय लिया। भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज किया जाएगा, जिसमें सड़क पर रखा अतिक्रमण हटाया जा सके। कच्चे क्वार्टर मार्केट जैसे इलाकों में दुकानदारों के लिए पीली लाइन खींची जाएगी। इससे निर्धारित क्षेत्र में ही अपना सामान रख सकेंगे और सड़क पर अतिक्रमण नहीं होगा। पुलिस ने अवैध पार्किंग करने वालों और नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ चालान करने और जरूरत पड़ने पर प्राथमिकी दर्ज करने की चेतावनी दी। साथ ही, शहर के मुख्य मार्गों पर पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी।
यातायात व्यवस्था तभी सुधर सकती है जब प्रशासन, व्यापारियों और नागरिकों तीनों का सहयोग मिले। दुकानदारों और लोगों से आग्रह किया कि यातायात नियमों का पालन करें और शहर को जाम मुक्त बनाने में सहयोग दें।
- नरेंद्र कादयान, पुलिस उपायुक्त