फोटो : 30: सोनीपत चीनी मिल में पर्याप्त गन्ना न पहुंचने की वजह से बंद पड़ी कैन मशीन। स्रोत: किस
- फोटो : samvad
सोनीपत। सहकारी चीनी मिल में पेराई सत्र के शुभारंभ होने के 24 घंटे बाद भी गन्ने की पेराई शुरू नहीं हो पाई। है। मिल प्रशासन की तरफ से किसानों को 65 हजार क्विंटल गन्ने की पर्ची जारी की गई है, लेकिन पर्याप्त मात्रा में गन्ने की पेराई शुरू नहीं हुई। मिल में अब तक करीब 12 हजार क्विंटल गन्ने की आवक हुई है।
ऐसे में पेराई दो से तीन दिन लग सकते हैं। मिल प्रशासन ने किसानों काे जल्द गन्ना पहुंचाने का आह्वान किया है ताकि पेराई शुरू की जा सके। कामी रोड स्थित सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता 22 हजार क्विंटल प्रति दिन है। शुक्रवार शाम तक करीब 12 हजार क्विंटल गन्ने के टोकन ही किसानों ने बुक किए हैं।
पेराई शुरू करने से पहले यार्ड में कम से कम 20 हजार क्विंटल गन्ने की आवश्यकता होती है। मिल को इस तहत 15 हजार क्विंटल प्रतिदिन की पेराई क्षमता पर चलाया जा सकता है। इससे नीचे की क्षमता पर चलाए जाने से खोई की खपत पूरी करना मुश्किल हो जाएगा।
मिल प्रशासन ने खोला 30 फीसदी अतिरिक्त वजन
चीनी मिल में गन्ने की आवक तेज करने के लिए किसानों की सुविधा के लिए कदम उठाए हैं। शुक्रवार को मिल की ओर से 10 दिसंबर तक 30 फीसदी अतिरिक्त वेट ओपन कर दिया है। जिसके चलते किसान पर्ची के हिसाब से 30 फीसदी अतिरिक्त गन्ना लेकर मिल में पहुंच सकते हैं। इसके अतिरिक्त मिल प्रशासन की टीमों ने गन्ना उत्पादक किसानों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। जिससे किसान जल्द गन्ना मिल में पहुंचा सके। मिल प्रशासन ने प्रशासन के साथ इस बार 32 लाख क्विंटल गन्ने की ही बॉडिंग की है। मिल प्रशासन का लक्ष्य अप्रैल माह के अंतिम दिनों तक गन्ने की पेराई करने का है।
मिल प्रशासन ने 65 हजार क्विंटल गन्ने की पर्ची किसानों को जारी कर दी है। क्षमता के हिसाब से यार्ड में गन्ना इकट्ठा होते ही पेराई शुरू कर दी जाएगी। शाम तक 12 हजार क्विंटल गन्ना आ चुका है।
- संजय कुमार, प्रबंध निदेशक, सहकारी चीनी मिल