सोनीपत। जिले में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। यह सांस के मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। वहीं आंखों में जलन की समस्या भी आम हो गई है। अगर हम अभी भी नहीं संभले तो आने वाले दिनों में समस्या और विकराल रूप ले लेगी। इसलिए हमें दीपावली पर पैसों और पर्यावरण को बचाने के लिए पटाखा रहित पर्व मनाना चाहिए। अमर उजाला ने ऐसी मुहिम की शुरुआत की है, जिससे बच्चों से लेकर बड़ों तक को पटाखे नहीं चलाने के लिए जागरूक किया जा सके, ताकि पटाखे से होने वाले वायु व ध्वनि प्रदूषण को रोका जा सका। दीपावली दीयों का त्योहार है, हमें इसे सादगी के साथ मनाना चाहिए।
दिवाली पर पर्यावरण सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। यह तभी संभव हो सकेगा, जब लोग दिवाली पर पटाखे नहीं चलाएंगे। क्योंकि इससे पैसे की बर्बादी होती है और पर्यावरण के साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। प्रदूषण की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों को होती है।
- निधि आंतिल, जीवन विहार
दीपावली पर लोगों को मोमबत्ती व दीप जलाने चाहिए। पटाखों पर खर्च करने की वजह उस पैसे से जरूरतमंद लोगों को मदद की जा सकती है। पटाखे छोड़ने की वजह से ध्वनि प्रदूषण होता है और लोगों के कानों पर भी असर डालता है। पटाखों के धुएं से लोगों का स्वास्थ्य खराब हो जाता है। ऐसे में सभी लोगों को ग्रीन दिवाली मनाते हुए एक-दूसरे संग खुशियां बांटनी चाहिए।
- मुमुक्ष कुमार, गन्नौर
दीपावली देश की गौरवमयी सभ्यता व संस्कृति का प्रतीक है और इसे पुरानी सभ्यता के तौर पर दीप जलाकर व पूजा पाठ करके शांति के साथ मनाया जा सकता है। दिवाली पर पटाखों से दूर रहने का संकल्प नहीं लिया तो हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण खतरनाक हो जाएगा। क्योंकि प्रदूषण ज्यादा होने से लोगों को परेशानी होती है।
- तन्नू दहिया, वेस्ट रामनगर
आज प्रदूषण विश्व स्तर पर भयंकर रूप ले चुका है। अस्थमा व कैंसर पीड़ित लोगों के लिए खतरनाक बन गया है। दिवाली पर लोगों को घर में दीपक जलाने चाहिए। भगवान श्रीराम के वनवास काटकर अयोध्या लौटने के बाद लोगों ने खुशी में घी के दीपक जलाए थे। ऐसे ही लोगों को दिवाली पर दीपक जलाने चाहिए। इस दिवाली पटाखा रहित मनाएंगे।
- जय वर्मा, गुडमंडी