सोनीपत। डेंगू की रोकथाम के लिए अमर उजाला की तरफ लोगों में जागरूकता फैलाने को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम हुआ। इसमें स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. कुलदीप गौरी, सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आशा सहरावत, उप सिविल सर्जन डॉ. तरुण यादव, डॉ. नीरज यादव, डॉ. अनीता व उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गिन्नी लांबा मुख्य रूप से शामिल हुए।
बारिश में डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने चिंता जताई है। अब तक जिले में 53 मरीज मिल चुके हैं। निदेशक डॉ. कुलदीप गौरी ने डेंगू की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों, डेंगू को लेकर लोगों की भ्रांतियों व डेंगू नियंत्रण के उपायों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। गड्ढों में पानी नहीं होगा तो मच्छर का लार्वा नहीं पनपेगा। इसके लिए जनभागिता जरूरी है।
सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर ने कहा कि सभी लोग सप्ताह में हर रविवार को अपने घर सूखा दिवस जरूर मनाएं। पानी के बर्तनों, कूलर, टंकी, फ्रिज, ट्रे, गमले को खाली करके सुखाएं ताकि मच्छर का लार्वा मर जाए। डेंगू रोकने के लिए घरों के आस-पास गड्ढे को मिट्टी से भरवा दें, पूरी बाजू के वस्त्र पहनें, मच्छर रोधी दवा या क्रीम का उपयोग करें। बुखार आने पर चिकित्सक की सलाह अवश्य लें। तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सा केंद्र में रक्त की जांच करवाएं।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. आशा सहरावत ने कहा कि बारिश के सीजन में मच्छरों से बचाव के लिए लोगों को हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। विभाग की 164 टीमें घर-घर जाकर पानी से भरे बर्तनों, कूलरों व टायरों में लार्वा जांच कर रही है। डेंगू महामारी का स्वरूप न ले इसके लिए सरकारी सिस्टम चुस्त है। आम लोगों को भी जागरूक करने पर जाेर दिया जा रहा है। लोगों को डेंगू से बचाव के लिए फॉगिंग कराई जा रही है।
उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गिन्नी लांबा ने बताया कि बारिश में जिला अस्पताल में बुखार के मरीजों की ओपीडी में इजाफा हुआ है। जरूरी होने पर मरीजों के रक्त के नमूने लेकर डेंगू लैब में भेजे जा रहे हैं। जागरूकता के साथ ही हम डेंगू से नियंत्रण पा सकते हैं।