सोनीपत। विवि मुरथल के इंजीनियरिंग के छात्र पारितोष दहिया ने बच्चों को अश्लील साइट्स से दूर रखने के लिए एक चाइल्ड सेफ वेब ब्राउजर तैयार किया है, जिसके लिए उन्हें मंगलवार को प्रधानमंत्री बाल शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। पारितोष को 2018 में प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार के लिए चयनित किया गया था। उनको यह पुरस्कार मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से दिया जाएगा। वहीं गणतंत्र दिवस समारोह में 26 जनवरी को बाल पुरस्कार पाने वाले बच्चों को शामिल किया जाएगा। शहर के डीएवी मल्टीपर्पज स्कूल से 2019 से पासआउट छात्र पारितोष की इस उपलब्धि पर सोमवार को प्राचार्य वीके मित्तल ने स्कूल पहुंचने पर स्वागत किया और पुरस्कार के लिए बधाई दी।
इंटरनेट के व्यापक प्रयोग से बच्चे अश्लील साइट के संपर्क में आ रहे हैं। जिसका उन पर प्रभाव पड़ने लगा है। इंटरनेट के इस दुष्प्रभाव को कम करने के लिए पारितोष दहिया ने चाइल्ड सेफ वेब ब्राउजर तैयार किया। इसे कंप्यूटर में इंस्टॉल करने के बाद 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थी अश्लील साइटों को नहीं खोल पाएंगे। जब भी कोई बच्चा या किशोर अश्लील साइट खोलेगा तो सॉफ्टवेयर उसकी अंगुलियों के प्रिंट के आधार पर उसकी आयु जान लेगा, जिसके बाद साइट नहीं खुल सकेगी। इस प्रोजेक्ट पर पारितोष 2012 से काम कर रहा है। इसी उपलब्धि के लिए उनको डीएवी मल्टीपर्पज स्कूल का छात्र रहते हुए 2018 में प्रधानमंत्री बाल शक्ति पुरस्कार के लिए चुना गया था। अभी पारितोष दीनबंधु चौधरी छोटूराम विवि में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं।
3200 फिंगर प्रिंट के डाटाबेस का किया इस्तेमाल
स्कूल के प्राचार्य वीके मित्तल ने बताया कि पारितोष दहिया ने 3200 फिंगर प्रिंट का आंतरिक डेटाबेस का उपयोग कर अंगुलियों के निशान से आयु का अनुमान लगाने वाले साफ्टवेयर को तैयार किया। इस साफ्टवेयर का प्रयोग अश्लील साइटों को स्वचालित रूप से उपयोगकर्ता को ब्लाक करने में किया जाएगा। इस साफ्टवेयर में तीन आयु के समूह का वर्गीकरण किया गया है। जिसमें पांच से 14, 14 से 18 और 19 से अधिक आयु वर्ग का समूह शामिल है।
राष्ट्रपति देंगे प्रधानमंत्री बाल शक्ति पुरस्कार
पारितोष दहिया को प्रधानमंत्री बाल शक्ति पुरस्कार के लिए 21 से 26 जनवरी तक का कार्यक्रम भेजा गया है। पारितोष के साथ उनके अभिभावक भी जा सकते हैं। वह 24 को प्रधानमंत्री निवास पर जाएंगे। उन्हें एक लाख रुपये व प्रधानमंत्री बाल शक्ति पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा टैबलेट फोन व मेडल दिया जाएगा।
साफ्टवेयर को एंडरॉयड फॉर्मेट किया जाएगा अपग्रेड
पारितोष दहिया ने बताया कि वह प्रोग्रामिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व एनीमेशन में ही आगे जाना चाहते हैं। इस क्षेत्र में उसने चाइल्ड वेबब्राउजर साफ्टवेयर तैयार कर लिया है। यह साफ्टवेयर अंगूठे के निशान के माध्यम से आयु का अनुमान लगाता है। इस साफ्टवेयर के माध्यम से बच्चों की ओर से अश्लील साइट खेलने से रोका जा सकता है। अब इस साफ्टवेयर को अपग्रेड कर एंडरॉयड फॉर्मेट में तैयार किया जाएगा, जिससे उसे मोबाइल फोन में भी किया जा सके। साथ ही कंप्यूटर में इस साफ्टवेयर के प्रयोग के लिए चेहरे के भाव के माध्यम से आयु का अनुमान लगाने का साफ्टवेयर में भी अपग्रेड करने पर शोध किया जा रहा है।
पहले भी कई पुरस्कार जीत चुके हैं पारितोष
पारितोष पहले भी कई पुरस्कार जीत चुके हैं। उन्होंने 2009 मेें पर्यावरण शिक्षा पर राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। इसके बाद जल संरक्षण, जल संसाधन, द ग्रीन ओलंपियाड 2015 व हरियाणा विज्ञान प्रतिभा खोज योजना परीक्षा 2016 में राज्य की मेरिट में रहे। 2018 में प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। इसके अलावा पारितोष दहिया को बेहतरीन खिलाड़ी का दर्जा मिला है। पिता फार्मासिस्ट हैं जबकि डीएवी स्कूल में ही टीचर हैं।