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रेमडेसिविर की कालाबाजारी में डॉक्टर से लेकर अस्पताल कर्मी तक शामिल, तीन लोग गिरफ्तार

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जिले में रेडमेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के दूसरे मामले में डॉक्टर से लेकर अस्पताल कर्मियों तक की संलिप्तता सामने आई है। रेमडेसिविर के छह इंजेक्शन 2.15 लाख रुपये में बेचने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके बाद पुलिस ने उसे इंजेक्शन उपलब्ध कराने के आरोपी निजी अस्पताल कर्मी को पकड़ा तो उसने वह इंजेक्शन वापस लेकर बीडीएस डॉक्टर को बेचने की बात बताई। उस बीडीएस डॉक्टर को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने तीनों को दो दिन के रिमांड पर लिया है। मामले में एक अन्य निजी अस्पताल कर्मी का नाम सामने आया है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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शहर के विशाल नगर के रहने वाले जूता व्यापारी जगपाल ने सोमवार को मुरथल थाना पुलिस को बताया कि उनके पिता विरेंद्र सिंह कोरोना संक्रमित हुए तो उन्हें घर में ही आइसोलेशन में रखा गया था। उनके लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत हुई तो 4 मई को मुरथल निवासी प्रवीन कुमार से छह इंजेक्शन 2.15 लाख रुपये में लिए थे। आरोपी ने 3490 रुपये प्रिंट रेट के इंजेक्शन को करीब 19 हजार रुपये में एक इंजेक्शन के हिसाब से बेचा था। वह घर गए तो उनके पिता का निधन हो चुका था। उन्होंने प्रवीन को इंजेक्शन दो दिन बाद वापस कर दिए थे। उसके बावजूद अभी तक उन्हें पैसे नहीं दिए गए। पैसे मांगने पर मारने की धमकी दी गई। मुरथल थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। जिस पर मामले की जांच सीआईए को सौंपी गई। मामले में सीआईए के इंद्रजीत व अनिल कुमार की टीम ने प्रवीन को सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। वह एमआर (मेडिकल रिप्रजेंटेटिव) है। उसने बताया कि वह इंजेक्शन गांव पुरखास के जोगेंद्र से लेकर आया था। वह कुमासपुर के पास रेजीडेंसियल कॉलोनी में स्थित निजी अस्पताल में कर्मी है। पुलिस ने मामले में मंगलवार को जोगेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार जोगेंद्र ने बताया कि उसने इंजेक्शन बहालगढ़ रोड पर स्थित डेंटल क्लीनिक के डॉक्टर को बेच दिए हैं। पुलिस ने मामले में सेक्टर-12 के डॉ. रोहित को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि उसने शुरुआती पूछताछ में 20 हजार रुपये में इंजेक्शन खरीदने की बात कही है। पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
जोगेंद्र के एक अन्य साथी का नाम आया सामने, गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी
सीआईए ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। डॉक्टर तक की संलिप्तता मिलने व निजी अस्पताल के कर्मी की भी गिरफ्तारी के बाद उसी अस्पताल के एक अन्य कर्मी का नाम भी सामने आ रहा है। उसका नाम सुमित बताया जा रहा है। पुलिस टीम अब उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। सीआईए की टीम का कहना है कि उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने व इंजेक्शन वापस करने पर पैसे नहीं लौटाकर धमकी देने के आरोपी को पकड़ लिया गया। उसके बाद बीडीएस चिकित्सक समेत एक निजी अस्पताल कर्मी गिरफ्तार हुआ है। अन्य को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले में भी पूरी चेन सामने लाई जाएगी।
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रवींद्र कुमार, प्रभारी, सीआईए-1, सोनीपत
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