फेसबुक पर वीडियो लाइव कर फंदा लगा जान देने के मामले में तीन आरोपी पुलिस वाले सिटी थाने के 30 पुलिस कर्मियों पर भारी पड़ रहे हैं। बार-बार गच्चा देकर बच निकल रहे आरोपी को पकड़ने के लिए अब एसआईटी को भी लगाया गया है। पुलिस लीड लेकर आरोपियों तक पहुंचने के लिए दबिश देती है, लेकिन उससे पहले ही वह निकल जाते हैं। इस तरह पुलिस के साथ कई बार हो चुका है, जिससे पुलिस भी परेशान दिख रही है। वहीं, आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाने से परिजनों में रोष बढ़ता जा रहा है।
यह था पूरा मामला
15 अप्रैल की देर शाम देव नगर निवासी दीपक (28) ने अपने घर के अंदर पंखे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। दीपक ने पूरी घटना को फेसबुक पर वीडियो लाइव कर दिखाया था। पुलिस ने दीपक के घर की दीवार पर लिखे सुसाइड नोट को कैमरे में कैद किया था। साथ ही पुलिस ने उसके कमरे से 60 पेज की डायरी भी बरामद की है। उसमें उसने महिला सहित तीनों पुलिस कर्मियों के संबंधों के बारे में लिखा हुआ है। पुलिस ने दीपक के पिता रमेश के बयान पर दिल्ली पुलिस की महिला हेडकांस्टेबल उषा, एसआई अरविंद व एएसआई सुरेश के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज कर लिया था। अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
सिटी थाना के साथ एसआईटी को भी सौंपी गई जांच
परिजनों के एसपी से मुलाकात के बाद इस मामले की जांच स्वायत संस्था से कराने की मांग की गई थी। इस पर एसपी ने सिटी थाना के साथ ही एसआईटी को भी इस मामले की जांच का जिम्मा देकर आरोपियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है। पुलिस के 30 से अधिक जवान कई स्थानों पर दबिश दे चुके हैं, लेकिन उनके हाथ आरोपियों तक नहीं पहुंच सके।
दिल्ली में पुलिस की दबिश, पहले ही भागा आरोपी
सूत्रों ने बताया कि पुलिस को एक आरोपी के दिल्ली में होने का सुराग मिला था। उस लीड पर काम करते हुए पुलिस की टीम आरोपी के काफी नजदीक भी पहुंच गई थी। इससे पहले कि पुलिस उसे दबोच पाती, वह वहां से निकलने में सफल रहा।
पुलिस मामले में बारीकी से जांच कर रही है। सिटी थाना के साथ ही एसआईटी भी इस मामले में लगी हुई है। कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जल्द आरोपी काबू किए जाएंगे। उनके हर संभावित ठिकाने पर पुलिस रेड कर रही है।
-मुकेश कुमार, उप पुलिस अधीक्षक।