हथिनीकुंड बैराज में यमुना नदी का जलस्तर प्रत्येक दो घंटे में दर्ज किया जाता है। रात और दिन में जलस्तर में काफी अंतर है। दिन में नदी का पानी 2200 क्यूसेक तक सिमट रहा है।
सुबह 10 बजे- 2417 क्यूसेक
दोपहर 12 बजे-2559
दोपहर दो बजे-2516
शाम चार बजे-2419
शाम छह बजे-2300
शाम आठ बजे-2221
रात 10 बजे -4934
रात 12 बजे-4720
वीरवार
रात दो बजे-4759
सुबह 4 बजे-4816
सुबह छह बजे-2377
सुबह आठ बजे-2520
सुबह 10 बजे-2258 क्यूसेक
यमुना सुधार समिति के प्रदेशाध्यक्ष रतन सिंह रावल ने कहा कि नदी में प्रवाह कम होने से लोगों जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है। यमुना नदी में स्नान के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और आस-पास के किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने नदी का प्रवाह बनाए रखने के लिए पानी छोड़ने की मांग की है।
यमुना नदी की जलधारा किनारों को छाेड़कर बीच में सिमट गई है। जिससे आस-पास के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है। किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पंप लगाने पड़ रहे हैं। कुृछ किसानों ने नदी क्षेत्र में ही पंप लगा लिए हैं। जिससे खेतों की सिंचाई की जा सके।
यमुना नदी में हथिनीकुंड बैराज से पानी कम छोड़ा जा रहा है। गर्मी में जलस्तर कम हो जाता है। नदी में प्रदूषित पानी छोड़ने पर भी नजर रखी जा रही है। जहां शिकायत मिलती है इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सूचित किया जा रहा है। -सुरेश सैनी, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग।