सोनीपत। गांव लाठ की काजल ढोचक के विश्व विजेता बनने पर जिले के साथ परिवार में खुशी का माहौल है। काजल ने 69 किग्रा भार वर्ग में यूक्रेन की ओलेकसांद्रा रिबाक को 9-2 दी करारी शिकस्त देकर स्वर्ण पदक जीता है। काजल के पदक जीतने पर हाल में सेक्टर-23 सोनीपत स्थित उनके निवास स्थान पर परिजन आपस में मिठाइयां बांटकर खुशी मना रहे हैं। पहलवान काजल रविवार को देश में लौट सकती हैं।
अमर उजाला से खास बातचीत में काजल के चाचा पहलवान कृष्ण ने कहा कि बेटी काजल ने जॉर्डन के अम्मान में हो रही विश्व कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर नाम रोशन कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनका सपना था कि वह भी कुश्ती के क्षेत्र में आगे बढ़े किन्ही कारणों की वजह से नहीं हो पाया। अब उनकी बेटी काजल विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर सपना पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि बेटी का लौटने के बाद भव्य स्वागत किया जाएगा। पिता रविंद्र ढोचक व मां बबीता ने कहा कि बेटी काजल ने पदक जीतकर परिवार व गांव का नाम ऊंचा किया है। बेटी सुबह शाम कड़ा अभ्यास करती है। काजल ढोचक गांव बड़वासनी स्थित कुलदीप मलिक खेलकूद अकादमी में अभ्यास करती है।
रहमा बेदीवय से तीसरा मुकाबला था काफी कठिन
काजल से वीडियो कॉल पर हुई बातचीत में बताया कि उनके सभी मुकाबले काफी अच्छे रहे हैं। प्रतियोगिता में इजिप्ट (मिस्र) की पहलवान रहमा बेदीवय से हुआ तीसरा मुकाबला काफी कठिन था। पिछले साल विश्व कुश्ती प्रतियोगिता के पहले मुकाबले में ही हार गई थी। इस बार स्वर्ण पदक जीतकर काफी खुश हैं। काजल अब तक तीन बार एशियन प्रतियोगिता में स्वर्ण जीत चुकी हैं। काजल ने कहा कि मेरा एकमात्र लक्ष्य ओलंपिक खेलों में देश को स्वर्ण पदक दिलाना है। बेटी के स्वर्ण पदक जीतने पर अंतरराष्ट्रीय रेफरी वीरेंद्र मलिक, अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक राज सिंह छिक्कारा, प्रशिक्षक रणधीर मलिक, प्रशिक्षक अजय मलिक, एईओ जगबीर मलिक, शमशेर ने बधाई दी है।