नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीजों का मर्ज बढ़ रहा है। अस्पताल में बुधवार को हड्डी रोग, छाती रोग व चर्म रोग की ओपीडी नहीं लगी, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हड्डी रोग विशेषज्ञ में से एक की आपातकालीन व दूसरे की ऑपरेशन थिएटर में ड्यूटी रही।
इसके चलते हड्डी व जोड़ दर्द के मरीजों को उपचार नहीं मिल सका। चर्म रोग विशेषज्ञ का सीएचसी जुआं में एसएमओ का चार्ज होने के चलते ओपीडी नहीं लगा सके। वहीं, छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. जेएस पूनिया अवकाश पर रहे।
हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी दो दिन से बंद है। इस कारण मरीजों व दिव्यांगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हड्डी के मरीज दो दिन से उपचार के बिना ही लौट रहे हैं। अस्पताल प्रशासन मरीजों को चिकित्सीय सुविधा देने में असफल नजर आ रहा है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही मरीज भुगत रहे हैं। मरीजों का कहना है कि विशेषज्ञ की ड्यूटी आपातकालीन व वीआईपी में न लगाए तो मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा। अस्पताल में व्यवस्था की कमी आम बनती जा रही है। सरकार की ओर से दी गई मुफ्त सुविधा का लाभ मरीज नहीं उठा पा रहे हैं।
दिव्यांगों के नहीं बन पा रहे प्रमाणपत्र
दिव्यांगों के दो सप्ताह से प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहे हैं। ओपीडी में चिकित्सक मौजूद न होने के कारण दिव्यांग के प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में दिव्यांगों के लिए परेशानी बढ़ती जा रही है। उनकी मांग है कि प्रमाणपत्र बनाने के लिए चिकित्सा जांच टीम की व्यवस्था रोजाना की जानी चाहिए। टीम के किसी सदस्य के बाहर होने की वजह से जांच प्रक्रिया अधर में रह जाती है। उसके बाद दिव्यांगों को अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं।
दमा व छाती के रोगियों को परेशानी हुई
प्रदूषण की वजह से दमा, छाती रोग के मरीज लगातार अस्पताल में पहुंच रहे हैं। बुधवार को छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. जेएस पूनिया की ओपीडी बंद होने से दमा व छाती के रोगियों को परेशानी हुई। वहीं, चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश सिंघल सप्ताह में तीन दिन ओपीडी लगाते हैं। मंगलवार, वीरवार व शनिवार को चर्म रोग विशेषज्ञ ओपीडी लगाते हैं। उनके पास जुआं स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) का भी चार्ज है।
अस्पताल में बुधवार को हड्डी रोग, छाती रोग व चर्म रोग की ओपीडी नहीं लगी। इन ओपीडी के चिकित्सक अस्पताल के दूसरे कार्यों में लगे हुए थे।
- डॉ. राहुल आंतिल, आरएमओ, नागरिक अस्पताल।