फोटो 31- सोनीपत के रेलवे स्टेशन की पुरानी इमारत में बनाया गया महिला प्रतीक्षालय। स्टेशन पर दुग्
सोनीपत। सरकार ने महिलाओं को बेहतर सुविधा देते हुए रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, लघु सचिवालय में शिशुओं को स्तनपान कराने के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। हैरानी की बात है कि जिले में महिलाओं की सुविधा के लिए आज तक यह कक्ष स्थापित नहीं किए गए हैं। महिलाओं को अपने शिशुओं को स्तनपान कराने में परेशानी उठानी पड़ती है। महिलाओं ने जिले में भी ऐसी व्यवस्था करने की मांग की है।
शहर के बस अड्डा व रेलवे स्टेशन पर शहर के अलावा दूर-दराज से भी हजारों यात्रियों का आवागमन रहता है। इनमें बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं भी होती हैं, जिनकी गोद में शिशु होता है। ऐसी महिलाओं को इन स्थानों पर अपने शिशुओं को स्तनपान कराने में परेशानी उठानी पड़ती है। महिलाएं इधर-उधर कोने में शिशुओं को दुग्धपान कराने के लिए मजबूर रहती हैं। कई बार उपयुक्त स्थान नहीं मिलने पर महिलाएं अपने शिशुओं को स्तनपान भी नहीं करा पाती।
नए सिरे से चल रहा निर्माण कार्य
जिले के बस अड्डे व रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के लिए शिशुओं को स्तनपान कराने के लिए अलग से कक्ष नहीं बनाए गए हैं। रेलवे स्टेशन पर महिलाओं के लिए अलग से प्रतीक्षालय बनाया गया है। हालांकि यह अक्सर खाली ही पड़ा रहता है। इसमें बैठने के लिए कुर्सियां, लाइट व पंखे की व्यवस्था की गई है। सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त है। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन को नए सिरे से बनाने के लिए निर्माण कार्य चल रहा है। महिलाओं की सुविधा के लिए पुरानी इमारत में एक कक्ष को महिला प्रतीक्षालय बनाया गया है।
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बस स्टैंड में महिलाओं के लिए प्रतीक्षालय की व्यवस्था है। हालांकि अलग से स्तनपान के लिए कोई कक्ष नहीं है।
- सुरेंद्र दुग्गल, एसएस, रोडवेज डिपो सोनीपत