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स्वास्थ्य केंद्र में दवा न स्थायी डॉक्टर, फिर भी साहब बोले सब कुछ ओके

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रेलवे के स्वास्थ्य केंद्र के बाहर प्रदर्शन करते मरीज। संवाद - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। रेलवे स्वास्थ्य केंद्र का वीरवार को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. मानसिंह ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों व उनके परिजनों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। हैरान करने वाली बात तो यह है कि केंद्र में लंबे समय से न तो स्थायी चिकित्सक हैं और नहीं पर्याप्त दवाइयां हैं, इसके बावजूद सीएमएस ने सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त बताया है, जबकि निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के बाहर मरीज सुविधाओं की मांग के लिए नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा। इस पर उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत कराने का आश्वासन दिया है।
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सोनीपत रेलवे स्टेशन पर स्थित स्वास्थ्य केंद्र में 31 जनवरी को चिकित्सक सेवानिवृत्त हो गए थे। उसके बाद से स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी चिकित्सक नहीं हैं। यहां पहुंचने वाले मरीजों का इलाज फार्मासिस्ट करते हैं। स्थायी चिकित्सक के अभाव में मरीजों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। अमर उजाला ने अपने 21 अप्रैल के अंक में रेलवे के स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं के अभाव के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद वीरवार को सीएमएस यहां निरीक्षण को पहुंचे थे।
दिल्ली व पानीपत से आते हैं चिकित्सक
रेलवे स्टेशन पर 1994 को स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया था। यहां स्थायी चिकित्सक न होने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। हालांकि सप्ताह में दो दिन दिल्ली व पानीपत से चिकित्सक भेजे जा रहे हैं। रेलवे की ओर से दो निजी अस्पताल पैनल पर दे रखे हैं। मरीजों का आरोप है कि पैनल के अस्पतालों में भी मरीजों को रेफर करने के लिए चिकित्सक की आवश्यकता होती है, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक नहीं होने से मरीज इलाज के लिए परेशान होते रहते हैं। यहां तक की रेफर के लिए लिखवाने को भी उन्हें दिल्ली भागना पड़ रहा है।
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पेयजल तक की सुविधा नहीं
स्वास्थ्य केंद्र के बाहर प्रदर्शन कर रहे सेवानिवृत्त कर्मचारियों व उनके परिजनों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में आपातकाल कक्ष की कोई सुविधा नहीं है। कई लोग दिल्ली जाने से बेहतर नागरिक अस्पताल व अन्य निजी अस्पताल पहुंचकर इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र में पेयजल तक की सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे मरीजों का आरोप है कि पानीपत व दिल्ली से चिकित्सकों के आने के दिन निर्धारित हैं, लेकिन ज्यादातर समय कोई चिकित्सक यहां नहीं पहुंचता, जिससे उनकी परेशानी बढ़ रही है।
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यह हैं मांगे
-दाखिल होने के लिए दिल्ली से अनुमति लाने के लिए बार-बार दिल्ली भेजने का रवैया खत्म हो।
-पैनल पर जो अस्पताल हैं, जब वो बेहतर सुविधा नहीं दे रहे हैं तो उनका पैनल खत्म किया जाए और दूसरे अस्पतालों को मौका दिया जाए।
-स्वास्थ्य केंद्र में नियमित चिकित्सक की नियुक्ति की जाए, ताकि आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें
-अगर किसी मरीज को रेफर किया जाना है तो यहीं से किया जाए, उसके लिए दिल्ली भेजने की प्रक्रिया को बंद किया जाए।
-महिला चिकित्सक की नियुक्ति की जाए।
-स्वास्थ्य केंद्र में दवाइयों की व्यवस्था करवाई जाए।
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मरीज बोले- चिकित्सक न होने से लौटना पड़ता है बिना जांच के
-मेरे शरीर में दर्द रहता है। पहले रक्तचाप की समस्या हुई, अब किडनी में दिक्कत है। यहां दवाई पूरी नहीं मिल रही। आज खांसी की दवाई लेने आई हूं, लेकिन अस्पताल में दवा नहीं है। स्थायी चिकित्सक नहीं है, जिस कारण जांच भी नहीं हो पाती।
-अमृत कौर, मरीज
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- मधुमेह की बीमारी से पीड़ित हूं। स्वास्थ्य केंद्र में 8-9 साल से आ रही हूं। जब कभी भी यहां दवा लेने आती हूं, चिकित्सक नहीं मिलते। यहां महिला चिकित्सक भी नहीं है। हर बार बिना जांच के ही लौटना पड़ता है। इलाज के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
संतोष, बावा कॉलोनी
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-रेलवे के स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं का अभाव है। लंबे समय से स्थायी चिकित्सक नहीं है। कहने को दो अस्पताल पैनल पर हैं, लेकिन वे भी पहले दिल्ली से रेफर लिखवाकर लाने की बात कहते हैं। ऐसे में मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करने पर विवश होना पड़ रहा है।
धर्मपाल सिंह, सेवानिवृत्त कर्मचारी
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-रेलवे के स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से नियमित चिकित्सक नहीं है। मरीज को रेफर करवाने के लिए भी दिल्ली से लिखवाकर लाना पड़ता है। हमारी मांग है कि रेफर की प्रक्रिया को यहीं से करवाया जाए, ताकि मरीज या उनके अपनों को दिल्ली तक दौड़ ना लगानी पड़े
रामफल वशिष्ठ, सेवानिवृत्त निरीक्षक, आरपीएफ
वर्जन
स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। यहां चिकित्सक भी हैं और पर्याप्त दवाइयां भी हैं। मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए पानीपत से चिकित्सक भेजे जा रहे हैं। यहां डॉक्टर न होने या दवाइयां न मिलने जैसी कोई शिकायत नहीं आई है। सेवानिवृत्त कर्मचारी एसोसिएशन के सदस्यों ने कुछ मांगे रखी हैं। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
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-डॉ. मान सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, रेलवे
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