सोनीपत। ओल्ड रोहतक रोड पर मिशन चौक की ओर बने रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के चौड़ीकरण का मामला निरीक्षण के 6 माह बाद भी सिरे नहीं चढ़ पाया है। लोक निर्माण विभाग की पैमाइश के बाद कोई अलग जमीन नहीं मिली है। ऐसे में आरओबी के चौड़ीकरण को लेकर अन्य विकल्प तलाशने की तैयारी शुरू हो गई है।
शहरवासी 9 साल से आरओबी के चौड़ीकरण की मांग करते आ रहे हैं। विधायक निखिल मदान ने नवंबर 2024 में विधानसभा सत्र के दौरान इसका मुद्दा उठाया था। लोक निर्माण विभाग के मंत्री रणबीर गंगवा के आश्वासन के बाद विधायक व पंचकूला से चीफ इंजीनियर हनुमंत सांगवान ने मई में निरीक्षण कर संभावनाओं को तलाशा था।
आरओबी का निरीक्षण कर विधायक ने अधिकारियों के समक्ष दो सुझाव रखे थे। इसमें बताया था कि आरओबी के दोनों तरफ जगह बढ़ाकर चौड़ीकरण किया जा सकता है। इसके लिए मिशन रोड पर नगर निगम की दुकानों को स्थानांतरित करने की बात कही गई थी। वहीं, कुछ दुकानें निजी हैं जिन पर व्यापारियों की सहमति नहीं मिल पाई है।
उधर पैमाइश के बाद विभाग को अतिरिक्त जगह भी नहीं मिली है। ऐसे में पहला विकल्प सिरे नहीं चढ़ पाया है। दूसरे विकल्प में हिंदू महाविद्यालय के पास से सारंग रोड स्थित रेलवे पार्क के पास अंडरपास बनाने का प्रस्ताव था। आरओबी के साथ रेलवे विभाग की भी जमीन लगती है।
इस पर विभाग के अधिकारियों को आरओबी के दोनों ओर की जमीन की पैमाइश करवाने के निर्देश दिए थे। अब आरओबी के चौड़ीकरण पर आगामी फैसला लेने के लिए विभाग ने रेलवे से एनओसी की मांग की है। जिस पर अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
आरओबी पर उतरने का विकल्प वापस जाने का नहीं
शहर के दो भागों को आपस में जोड़ने व गोहाना रोड रेलवे फाटक पर जाम की स्थिति से निपटने के लिए वर्ष 2011 में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरओबी के निर्माण का शिलान्यास किया था। फरवरी 2015 में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने 24 करोड़ से तैयार आरओबी का उद्घाटन कर इसका नामकरण डॉ. कृष्ण बावेजा के नाम पर किया था। तब से आरओबी से चार पहिया वाहन चालक केवल मिशन चौक की तरफ उतर सकते हैं। यहां से वापस जाने का विकल्प नहीं है। ऐसे में आरओबी सुविधा के बजाय शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बना है। शहरवासी आरओबी के चौड़ीकरण की गुहार लगा रहे हैं।
आरओबी के चौड़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग से जगह की पैमाइश करवाई गई है, लेकिन पैमाइश में कोई विकल्प नहीं मिला है। आरओबी के चौड़ीकरण को लेकर जल्द अन्य विकल्प तलाशा जाएगा।
- निखिल मदान, विधायक, सोनीपत
आरओबी का कुछ हिस्सा रेलवे की जमीन पर बना हुआ है। ऐसे में रेलवे की बिना अनुमति के कोई कार्य शुरू नहीं करवाया जा सकता है। विभाग की ओर से रेलवे से एनओसी मांगी गई है।
- प्रशांत कौशिक, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग