सोनीपत। शहर के साथ जिले के अन्य कस्बों में पिंक टॉयलेट नहीं हैं। महिलाओं के लिए पब्लिक व कम्युनिटी शौचालय में ही अलग से सुविधा दी गई है ताकि बाजार में खरीदारी के लिए आने वाली महिलाओं को परेशानी न हो। हर साल 19 नवंबर को विश्व शौचालय दिवस मनाया जाता है। नगर निगम ने शहर में किसी भी स्थान पर पिंक टॉयलेट आज तक नहीं बनवाया है।
सरकार और प्रशासन की ओर से महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने का दावा किया जाता है लेकिन महिलाओं के लिए जिले में आज तक पिंक शौचालय तक नहीं बनाया गया है। आज पिंक शौचालय समय की जरूरत है। पिंक टॉयलेट में महिलाओं के लिए सेनेटरी पैड मशीन लगाई जाती है। साथ ही इंसीनरेटर की भी सुविधा होती है।
महिला के साथ छोटे बच्चे को सुरक्षित स्थान भी रहता है। पिंक शौचालय न होने के कारण बाजार में आने वाली महिलाओं को परेशानी होती है। पिंक टॉयलेट के अभाव में महिलाओं को हर रोज एक बड़ी समस्या से दो-चार होना पड़ता है।
नगर निगम ने बाजारों के आसपास 150 पब्लिक व कम्युनिटी शौचालय की व्यवस्था की है। इससे महिलाओं के लिए अलग से सुविधा दी है। पिंक टॉयलेट के नाम पर एक भी ईंट नहीं लग सकी है। यह हाल तब है जब स्वच्छ भारत अभियान को लेकर करोड़ों का बजट पानी की तरह बहाया जा रहा है।
सार्वजनिक जगहों पर पिंक टॉयलेट का न होना कभी-कभी महिलाओं के लिए बड़ी मुसीबत बन जाता है। लेकिन समाज और सरकार दोनों की ही असंवेदनशीलता के चलते इस तरफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
नगर निगम क्षेत्र में पिंक टॉयलेट नहीं है। पब्लिक व कम्युनिटी शौचालय में महिलाओं के लिए अलग से सुविधा दी गई है। सभी शौचालयों में रोजाना सफाई कराई जा रही है। -जोगेंद्र कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर निगम