संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। श्री ठाकुरद्वारा पंचायती मंदिर, बड़ा हलवाई हट्टा का वार्षिकोत्सव शनिवार को शुरू हुआ। मंदिर में श्री कृष्णलीला का आगाज हुआ। इसकी शुरुआत देवकी और वासुदेव के विवाह के प्रसंग से हुई। एक अप्रैल तक श्रीकृष्ण लीला का मंचन होगा। 2 अप्रैल को सुबह 9 बजे सुंदरकांड पाठ कर भंडारा लगाया जाएगा।
वृंदावन से आए कलाकारों ने सौरभ द्विवेदी के निर्देशन में श्रीकृष्ण लीला का मंचन किया। इसमें दिखाया गया कि मथुरा के राजा उग्रसेन के बड़े बेटे कंस ने अपने पिता को सिंहासन से हटाकर कारागार में डाल दिया था। इसके बाद कंस स्वयं राजा बन गया।
देवकी और वासुदेव के विवाह के उपरांत जब कंस अपनी बहन देवकी को ससुराल छोड़ने जा रहा था तभी आकाशवाणी हुई कि देवकी की आठवीं संतान कंस का वध करेगी। यह सुनकर कंस ने तत्काल अपनी बहन देवकी और बहनोई वासुदेव को कारागार में डाल दिया।
कंस के बढ़ते अत्याचारों से पृथ्वी पर हाहाकार मच गया जिसके बाद सभी देवताओं ने भगवान विष्णु से इस संकट से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की मध्यरात्रि 12 बजे भगवान कृष्ण ने जन्म लिया।
भगवान ने मात्र सात दिन की आयु में पूतना का वध किया और कंस की ओर से भेजे गए अन्य सभी राक्षसों का भी संहार किया। श्री गोशाला, सोनीपत के पदाधिकारियों ने भगवान श्रीकृष्ण की आरती की। इस दौरान मंदिर के प्रधान अमित कुच्छल, प्रेस प्रवक्ता गजेंद्र मंगला, कोषाध्यक्ष महेंद्र मंगला, महासचिव राजकुमार गोयल, कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र वर्मा, नितिन कुच्छल, वीरेंद्र कटारिया, अमरीक सिंह खत्री, पुजारी महेश मुदगिल भी मौजूद रहे।