फोटो 36- सोनीपत के गांव बागडू की पेंशन पात्र साक्षी। संवाद
सोनीपत। क्षेत्र की बेटी को दिव्यांग पेंशन के लिए करीब 15 माह से समाज कल्याण विभाग के कार्यालय के धक्के खाने पड़ रहे हैं। करीब 15 माह पहले विभाग की ओर से बेटी को दिव्यांग पेंशन की सुविधा दी जा रही थी। अब परिवार कार्यालय के चक्कर लगाकर विभाग से बेटी की पेंशन जल्द बनवाने की मांग कर रहा है।
सोनीपत के गांव बागडू निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी दिव्यांग बेटी साक्षी की पेंशन बनवाने के लिए 1 अप्रैल 2013 को जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में आवेदन किया था। इसके बाद अधिकारियों ने पेंशन शुरू करने के लिए पूरा साल लगा दिया। वर्ष 2014 से साक्षी को विभाग की ओर से दिव्यांगता की पेंशन मुहैया करवाई जाने लगी। अचानक जून 2023 में विभाग के अधिकारियों ने पेंशन पात्र बेटी की जन्मतिथि में गलती बताते हुए पेंशन देने पर रोक लगा दी थी। उनका परिवार 15 माह में करीब 25 बार समाज कल्याण विभाग के कार्यालय के चक्कर काट चुका है, लेकिन अधिकारी केवल आश्वासन देकर उन्हें वापस भेज रहे हैं। विभाग के अधिकारी भी मामले में कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
लड़की की पेंशन में लिपिकीय गलती (क्लेरिकल मिस्टेक) के चलते उनकी दिव्यांगता की पेंशन कट गई थी। विभाग ने गलती में सुधार कर फिर से दस्तावेजों को मुख्यालय भेज दिया है। मुख्यालय से पास होने के बाद ही लड़की को पेंशन का लाभ मिल सकेगा। विभाग अपनी तरफ से सभी पात्र लोगों को पेंशन मुहैया करवाने का प्रयास कर रहा है।
- रेनू सिसोदिया, समाज कल्याण अधिकारी, सोनीपत