फोटो :20: सोनीपत के गांव राई स्थित औद्योगिक क्षेत्र के पास कूड़े में लगाई आग से उठता धुआं। संवाद
सोनीपत। जिले में नौ दिन से प्रदूषण का स्तर बेहद खराब स्थिति में है। मंगलवार को एक्यूआई 344 दर्ज किया गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रैप-3 लागू है मगर अभी तक ग्रैप-2 की पाबंदी का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है। रोक के बावजूद कूड़ा जलाया जा रहा है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार हुआ तो वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की उप समिति ने ग्रैप-3 के नियम लागू कर दिए थे। उसके बावजूद कूड़ा जलता नजर आ रहा है। बढ़ते प्रदूषण के चलते वातावरण में कोहरे के साथ हल्का स्मॉग छा रहा है। इससे सांस लेने में दिक्कत होने के साथ आंखों में जलन होने लगती है।
राई क्षेत्र में टूटते दिखे नियम
राई क्षेत्र में पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के प्रतिबंध के बाद कूड़े का निस्तारण जलाकर किया जा रहा है। एनजीटी के आदेशों को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया गया है। मंगलवार को राई औद्योगिक क्षेत्र के पास कूड़े में आग लगी मिली। सोमवार रात को भी राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, राई के पास कूड़ा जल रहा था। स्थानीय निवासी राजेश, सुनील व नीरज ने बताया कि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
अनावश्यक बाहर निकलने से बचें
स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेएस पूनिया कहते हैं कि अधिक प्रदूषण होने पर अनावश्यक बाहर निकलने से बचना चाहिए। सुबह-शाम मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करना चाहिए। घरों में एयर-प्यूरीफायर या पौधों का इस्तेमाल बढ़ाएं। सुबह-शाम की सैर फिलहाल टाल दें। खासकर बुजुर्ग व बच्चों के साथ सांस के रोगियों का ध्यान रखा जाए।