खरखौदा। शहर में दूषित पानी की निकासी का लक्ष्य 15 दिन रखा है। मंगलवार को एसडीएम डाॅ. निर्मल नागर ने जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन नवीन कुमार, एसडीओ सुदेश व जेई रवींद्र को साथ शहर का दौरा किया।
उन्होंने शहर के ऐसे प्वाइंट चिह्नित किए जहां पर पानी निकासी की सबसे ज्यादा समस्या है। इसके समाधान के लिए सभी ने 15 दिन का लक्ष्य रखा है। इससे लोगों को लंबे समय से बनी हुई परेशानी से निजात दिलाने की उम्मीद है।
एसडीएम डॉ. निर्मल नागर ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मटिंडू मार्ग पर पहुंचे। यहां एक माह से सीवर का मैनहोल धंसा हुआ है। अब उसकी खोदाई कर नए सिरे से बनाने का काम किया जा रहा है। एसडीएम ने मैनहोल के निर्माण को निर्बाध रूप से चलने के आदेश दिए।
उन्होंने कहा कि इस काम को दिन-रात जारी रखा जाए ताकि लोगों को एक माह से हो रही परेशानी से निजात मिल सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य वाली जगह पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। लोगों के लिए सूचना बोर्ड लगाई जाए ताकि कोई हादसा न हो।
एसडीएम ने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि शहर में जहां-जहां पर भी जलभराव की समस्या है वहां पर विशेष रूप से सीवरेज की ब्लाॅकेज के समाधान की तरफ काम किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों से चर्चा करने के बाद 15 दिन का लक्ष्य रखा गया है।
प्लास्टिक कचरा नालों में नहीं जाने दिया जाएगा
एसडीएम ने एसडीओ को आदेश दिए कि अगर नालों से आने वाले गंदगी के कारण सीवरेज लाइन ठप हो रही है तो वह इसे लेकर नगर पालिका को पत्र लिखें ताकि उनकी तरफ से यह सुनिश्चित किया जा सके कि नालों से सिर्फ पानी ही सीवर लाइन में जाएगा। गंदगी व प्लास्टिक कचरा नालों में नहीं जाने दिया जाएगा।
स्टॉर्म वाटर प्रोजेक्ट पर 10 दिन में काम करने के आदेश जारी
शहर में करीब छह माह से भी ज्यादा समय से बंद पड़े स्टॉर्म वाटर की निकासी वाले प्रोजेक्ट को लेकर जब एसडीएम ने एक्सईएन नवीन से पूछा तो उन्होंने कहा कि ठेकेदार को 10 दिन में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने के आदेश जारी किए गए हैं। जिस पर एसडीएम ने स्पष्ट किया कि अगर वह तय समय में कम नहीं करता है तो संबंधित कंपनी का टेंडर रद करें, ताकि दोबारा टेंडर छोड़कर काम को पूरा किया जा सके।