फोटो : सोनीपत के गांव टेहा के पास जीटी रोड पर भरा दूषित पानी। संवाद
गन्नौर। गांव टेहा में दूषित पानी की निकासी की लंबे समय से चली आ रही समस्या का अब जल्द ही समाधान होगा। गांव के गंदे पानी के निस्तारण के लिए 400 केएलडी क्षमता का माइक्रो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए करीब 3 करोड़ 79 लाख रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है।
दूषित पानी की निकासी के लिए बना गांव के जोहड़ का भी अधिग्रहण अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी में कर लिया गया था। इसके बाद से टेहा गांव में दूषित पानी की निकासी प्रभावित हो गई थी। इसके बाद लंबे समय से ग्राम पंचायत व ग्रामीण सरकार व प्रशासन से दूषित पानी की निकासी के स्थाई समाधान की मांग करते आ रहे थे।
अब इसका समाधान करते हुए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी परिसर में माइक्रो एसटीपी स्थापित करने के लिए 250 वर्ग गज भूमि उपलब्ध करा दी है। वहीं बीडीपीओ विभाग द्वारा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से इस परियोजना का एस्टिमेट तैयार करने के लिए पत्र भेजा था।
इस पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा है। प्रस्ताव के अनुसार टेहा गांव से निकलने वाले दूषित पानी का माइक्रो एसटीपी में उपचार कर आगे भेजा जाएगा। परियोजना पर होने वाला खर्च पंचायत विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। एसटीपी के निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद दूषित पानी की निकासी से जुड़ी समस्या का समाधान होगा।
टेहा गांव में गंदे पानी की निकासी लंबे समय से एक बड़ी समस्या बनी हुई थी। ग्राम पंचायत लगातार इस मुद्दे को विभिन्न विभागों के समक्ष उठा रही थी। माइक्रो एसटीपी लगाने का प्रस्ताव तैयार होना गांव के लिए राहत भरी खबर है। परियोजना के सिरे चढ़ने से दूषित पानी की समस्या से निजात मिलेगी और ग्रामीणों को बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
- आशीष त्यागी, सरपंच
फोटो : सोनीपत के गांव टेहा के पास जीटी रोड पर भरा दूषित पानी। संवाद