सोनीपत। लघु सचिवालय में मंगलवार को पुलिस और आबकारी विभाग की बैठक हुई। इसमें दोनों विभागों के अधिकारियों ने अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की।
हैदराबाद व नासिक से आए प्रशिक्षकों ने टीम को अवैध और नकली शराब को पहचानने का प्रशिक्षण दिया। असली व नकली होलोग्राम की पहचान भी बताई। सहायक पुलिस आयुक्त मुख्यालय अजीत सिंह ने साफ किया कि शराब माफिया के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए पुलिस व आबकारी विभाग की संयुक्त विशेष टीमें बनाई गई हैं। यह जिलेभर में संदिग्ध स्थानों, ढाबों, गोदामों एवं अवैध बिक्री केंद्रों पर नियमित रूप से छापे मारेंगी।
इस अवसर पर जितेन्द्र राघव, डीईटीसी (आबकारी) सोनीपत, कृष्ण, डीईटीसी (आबकारी) सोनीपत, आबकारी विभाग के अन्य अधिकारी और जिले के सभी थाना क्षेत्रों से दो-दो पुलिस कर्मचारी उपस्थित रहे।
अंतरराज्यीय सीमाओं पर बढ़ेगी चौकसी
अन्य राज्यों से आने वाली अवैध शराब को रोकने के लिए सभी नाकों पर सघन तलाशी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने और संदिग्ध वाहनों की गहन जांच सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
सूचना तंत्र को किया जाएगा मजबूत
बैठक में निर्णय लिया कि पुलिस व आबकारी विभाग के बीच रीयल-टाइम सूचना साझा की जाएगी। आमजन से भी अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध शराब की बिक्री या भंडारण की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
नियमों के उल्लंघन पर होगी कठोर कार्रवाई
अजीत सिंह ने चेतावनी दी कि अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध आबकारी अधिनियम एवं अन्य संबंधित कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, शराब ठेकों पर निर्धारित समय से अधिक बिक्री करने वालों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।