सोनीपत। नेशनल हाईवे-44 पर पकड़े गए ओवरलोड वाहनों को छुड़ाने के लिए मालिक फर्जी चालान रसीद लेकर पहुंचा तो पकड़ा गया। मालिक अपने ट्रक को छुड़ाने के लिए जुर्माना भरने की चालान रसीद लेकर आया तो शनिवार होने पर कार्यालय बंद था। इस पर टीम को शक हो गया। उन्होंने मालिक को मौके पर पकड़ लिया। जांच में पता लगा कि वह किसी अन्य से रसीद लेकर आया है। साथ ही पता लगा कि दो वाहन पहले भी इसी तरह छुड़ाए गए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
चालक रणबीर सिंह ने पुलिस को बताया कि आरटीओ व इंफोर्समेंट टीम मुरथल स्थित चालक प्रशिक्षण केंद्र में जब्त किए गए ओवरलोड वाहन खड़े करती है। केंद्र में उनकी मुख्य गेट पर ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि जुर्माना की फीस जमा कराने के बाद ही वाहन को यहां से छोड़ा जाता है। शनिवार को इंफोर्समेंट टीम ने दो ओवरलोड वाहन को पकड़कर बंद किया था। इसके बाद दोपहर बाद दो बजे के करीब रोहतक के गांव जिंदराण निवासी वीरेंद्र जुर्माना भरने की रसीद लेकर आया। उन्हें शक हो गया कि शनिवार को कार्यालय बंद होने के बावजूद उसे रसीद कहां से मिल गई। इस पर उसने आरटीओ कार्यालय में संपर्क किया। जहां पर जानकारी दी गई कि रसीद फर्जी है। जिससे उन्होंने डायल 112 को सूचना दे दी। पुलिस ने वीरेंद्र से पूछताछ की तो उसने बताया कि किसी दलाल को उन्होंने 70 हजार रुपये दिए थे। उसने ही रसीद दी है। इस पर जांच हुई तो पता लगा कि पहले भी दो अन्य वाहन इसी तरह की फर्जी रसीद पर यहां से छुड़वाए गए हैं। तीन वाहन मालिकों ने 3 लाख 91 हजार 500 रुपये का नुकसान पहुंचाया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मामले को लेकर शिकायत मिली थी। जांच में सामने आया कि ट्रक मालिक ने किसी को 70 हजार रुपये देकर चालान भरने को कहा था। उसने ही रसीद दी है। उसके बारे में पता लगाया जाएगा। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
पवन कुमार, जांच अधिकारी, मुरथल थाना