संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर संत समागम की तैयारियों के लिए सेवा का शुभारंभ करती सद्गुरू माता
गन्नौर। गन्नौर और समालखा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-44 स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर 28 से 30 अक्तूबर को होने वाले 76वें वार्षिक निरंकारी संत समागम की तैयारियों के लिए सेवा का शुभारंभ सद्गुरु माता सुदीक्षा ने किया। इसमें केंद्रीय योजना एवं सलाहकार बोर्ड, कार्यकारिणी समिति के सदस्य, सेवादल अधिकारी व हजारों अनुयायी उपस्थित रहे।
सद्गुरु माता सुदीक्षा ने कहा कि सेवा केवल तन से न होकर जब सच्चे मन से की जाती है तभी वह सार्थक कहलाती है। सेवा वही सर्वोत्तम होती है जो नि:स्वार्थ एवं निष्काम भाव से की जाए। सद्गुरु माता सुदीक्षा ने कहा कि निरंकारी मिशन का प्रत्येक श्रद्धालु भक्त यहां पर प्राप्त होने वाली सीख से निरंतर प्रेरणा लें और एक सुंदर समाज के नवनिर्माण में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालु भक्त यह भलीभांति जानते हैं कि तन-मन-धन से की जाने वाली नि:स्वार्थ सेवा ही सर्वोत्तम भक्ति का एक सरल माध्यम है, इसलिए वह सेवा के किसी भी अवसर को व्यर्थ नहीं जाने देते और नर सेवा नारायण पूजा के सुंदर भाव को चरितार्थ करते हुए उसे प्राथमिकता देते हैं।
यह सुविधाएं रहेंगी उपलब्ध
76वें वार्षिक निरंकारी संत समागम में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुख सुविधाएं प्रदान करने के लिए शामियानों की एक सुंदर नगरी स्थापित की जाएगी। जिसमें भक्तों के ठहरने, जलपान एवं उनकी मूलभूत सुविधाओं का उचित प्रबंध प्रशासन एवं अधिकारियों के सहयोग से किया जा रहा है। समागम स्थल पर विभिन्न प्रबंधन कार्यालय, प्रकाशन स्टाल, प्रदर्शनी, लंगर, कैंटीन एवं डिस्पेंसरी की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। यातायात प्रबंधन के अंतर्गत इस वर्ष भी रेलवे स्टेशन, बस अड्डे एवं हवाई अड्डे से समागम में पहुंचने वाले सभी श्रद्धालुओं को लाने एवं ले जाने की उचित व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही अन्य वाहनों के लिए पार्किंग क्षेत्रों की भी व्यवस्था की जा रही है। यह दिव्य संत समागम अनेकता में एकता का अनुपम दृश्य प्रदर्शित करेगा।