सोनीपत। जिला नागरिक अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर का विस्तार किया जा रहा है। नवीनीकरण कार्य के चलते 14 फरवरी से आंखों के ऑपरेशन बंद है। मरीजों को एक माह का समय दिया जा रहा है। जरूरी होने पर मरीजों को रेफर कर रहे हैं।
अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन न होने से लोग परेशान हैं। यहां सप्ताह में तीन दिन ऑपरेशन होते थे। एक बार में 15 लोगों के नेत्र ऑपरेशन किए जाते थे। अब 15 दिन से एक भी ऑपरेशन नहीं हुआ है। मोतियाबिंद के मरीजों को सिर्फ परामर्श दे रहे हैं।
मोतियाबिंद के कारण
उम्र का बढ़ना, डायबिटीज, अधिक मात्रा में शराब का सेवन, सूर्य के प्रकाश का अत्यधिक संपर्क, पारिवारिक इतिहास, उच्च रक्तचाप, मोटापा, आंखों में चोट या सूजन, पहले की आंखों की सर्जरी, लंबे समय तक कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवाओं का उपयोग और धूम्रपान।
40 साल के बाद नियमित आंखों की जांच जरूरी
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास चहल का कहना है कि सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणें मोतियाबिंद को बढ़ावा दे सकती हैं। इसलिए धूप में निकलते समय सनग्लास पहनने चाहिए। डायबिटीज व अन्य बीमारियों को नियंत्रित रखना जरूरी है। उन्होंने शराब का सेवन कम करने और 40 वर्ष की उम्र के बाद नियमित रूप से आंखों की जांच कराने की सलाह दी है।
जिला अस्पताल में जल्द पांच ओटी होंगे चालू
जिला अस्पताल में अब तक तीन ओटी मशीनों से ऑपरेशन होते थे। यहां दो और मॉड्यूलर ऑपरेशन मशीन स्थापित की जा रही हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में रोजाना गर्भवती के ऑपरेशन, जनरल सर्जरी, ईएनटी व हड्डी के ऑपरेशन होते हैं।
नई ऑटोक्लेव मशीनें बनेंगी वरदान
ऑपरेशन के लिए दो नई ऑटो क्लेव मशीन आने से इनकी संख्या चार हो गई हैं। इसका लाभ यहां आने वाले मरीजों को होगा। इनमें सर्जिकल उपकरणों को उच्च ताप पर गर्म कर संक्रमण मुक्त किया जाता है। ऑपरेशन थिएटर में पुरानी दो आटोक्लेव मशीनें हैं। जिला नागरिक अस्पताल में मई 2025 में दो आटोक्लेव मशीनें आई थीं। इनको इंस्टॉल किया जा रहा है।
ऑपरेशन थियेटर में नवीनीकरण का कार्य कराया जा रहा है। मरीजों की सुविधा के लिए दो और नए ओटी तैयार कराए जा रहे हैं। इसके बाद एक साथ पांच मरीजों के ऑपरेशन किए जा सकते हैं। मरम्मत कार्य के लिए 14 फरवरी से नेत्र ऑपरेशन बंद कर रखे हैं। 10 मार्च के बाद नेत्र ऑपरेशन शुरू कर दिए जाएंगे। साथ ही काम पूरा होते ही ओटी शुरू करा दिए जाएंगे।
- डॉ. ज्योत्सना, सिविल सर्जन, सोनीपत