गांव कुंडली में नाबालिग की शादी रुकवाने पहुंची टीम।
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सोनीपत। जिला महिला एवं बाल सरंक्षण अधिकारी की टीम ने गांव कुंडली में नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी। टीम ने लड़की की बारात आने के बाद शादी को रुकवा दिया। जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी को नाबालिग की शादी कराए जाने की जानकारी मिली थी। लड़की के परिजनों ने बेटी की शादी बालिग होने पर करने का आश्वासन दिया है।
जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी भानू गौड़ को सूचना मिली कि थी कि कुंडली गांव में नाबालिग की शादी कराई जा रही है। जिस पर टीम वहां पहुंच गई। टीम ने जब परिजनों को लड़की की जन्म तिथि के कागजात दिखाने को कहा तो वह कोई कागजात नहीं दिखा सके। जिसके चलते टीम ने उसकी शादी को रुकवा दिया। साथ ही परिजनों ने इस संबंध में लिखित में लिया कि उसके बालिग होने के बाद ही शादी की जाएगी। लड़की की बारात पानीपत के गांव समालखा क्षेत्र से आई थी। जिसके बाद बारात को वापस भेज दिया गया।
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नाबालिग की शादी किए जाने की सूचना मिली थी। मौके पर जांच के बाद लड़की की आयु कम मिली। जिस पर उसकी शादी को रुकवा दिया है। परिजनों से लिखित में लिया गया है कि वह बालिग होने के बाद ही लड़की की शादी करें। नाबालिग की शादी करना कानूनन ही जुर्म नहीं है, बल्कि इससे उनकी जिंदगी भी खराब हो जाती है। नाबालिग के शादी के लिए परिपक्व नहीं होने से उसके बीमारियों की चपेट में आने का भय रहता है।
भानू गौड़, जिला महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी