सोनीपत। जीटी रोड स्थित सेक्टर सात के फ्लाईओवर पर वीरवार की रात हुए सड़क हादसे के मंजर को शायद लोग कभी नहीं भूल पाएंगे। इस घटना ने तीन परिवारों को ऐसा जख्म दिया है, जिसके सदमे से शायद ही मृतकों के परिजन कभी उबर पाएंगे। हादसा किस चूक की वजह से हुआ, यह अभी तक साफ नहीं है।
उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के गांव बिनौली निवासी प्रिंस का 2 जुलाई को जन्मदिन था। बताते हैं कि प्रिंस का व्यक्तित्व बेहद मिलनसार था। इस वजह से उसके दोस्त काफी थे। प्रिंस ने जन्मदिन को पूरा समय घर पर ही दिया। अगले दो दिन दोस्तों के साथ पार्टी की प्लानिंग थी, लेकिन हादसे की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि जन्मदिन की पार्टी ही मातम की वजह बन जाएगी।
हादसे में बिनौली गांव के प्रिंस, चचेरे भाई आदित्य व सिरसली गांव निवासी सचिन की जान चली गई। रात में घटना का पता चलते ही बदहवास हालत में परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए। शवों की हालत देख परिजन बुरी तरह से रोने बिलखने लगे। हादसे में जिंदा बचे विशाल की हालत में सुधार हो रहा है, लेकिन घटना के मंजर को याद कर वह चौंक जाता है।
प्रिंस अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। प्रिंस का दो साल का एक बेटा है, उसकी तीन साल पहले शादी हुई थी। प्रिंस, चचेरे भाई आदित्य का शव एक साथ गांव पहुंचा तो हर किसी आंखें भर आई। रोते बिलखते परिजन को सांत्वना देने वाले भी बिलख पड़ते थे। उधर पुलिस जांच कर रही है कि इतना भयंकर हादसा किस चूक की वजह से हुआ। फिलहाल ट्रक चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
प्रिंस व सचिन दुकान पर करते थे सहयोग, आदित्य कर रहा था नौकरी की तैयारी
बिनौली (बागपत)। सोनीपत में स्कॉर्पियो हादसे में मारा गया प्रिंस धामा अपने पिता के साथ खेतीबाड़ी और इलेक्ट्राॅनिक्स की दुकान का काम देखता था। वहीं, आदित्य बीटीसी और डी-फार्मा की पढ़ाई कर नौकरी की तैयारी कर रहा था। उसका बड़ा भाई यूपी पुलिस में सिपाही है, जबकि सचिन तोमर अपने बड़े भाई के साथ बड़ौत में हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर काम कराता है। हादसे का पता चलते ही परिवार वाले बहालगढ़ पहुंचे। शुक्रवार को तीनों के शवों का गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
हादसे के बाद आदित्य नहीं निकल पाया बाहर
पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद विशाल, प्रिंस और सचिन को लोगों ने बाहर निकाल लिया था। लेकिन, आदित्य गाड़ी के नीचे ही दब गया था। गाड़ी टकराने के बाद लगी आग से उसका शव जल गया था।