गोहाना। भाजपा के मुंडलाना मंडल अध्यक्ष की गोलियां मारकर हत्या की जांच अब एसआईटी को सौंप दी गई है। एसआईटी अब दोबारा से पूरे मामले की जांच कर रही है। मुख्यमंत्री के आदेश पर एसआईटी गठित की गई है। पहले जमीन के विवाद के चलते मंडलाध्यक्ष की हत्या करने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में परिजन सरपंच के चुनाव की रंजिश के चलते हत्या करने की आशंका जताई थी। टीम मुख्य आरोपी मनु को दोबारा रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
गांव जवाहरा निवासी सुरेंद्र नंबरदार भाजपा के मुंडलाना मंडल अध्यक्ष थे। वह 15 मार्च की रात को पत्नी कोमल के साथ पशुबाड़े से घर लौट रहे थे। रास्ते में पड़ोसी सुल्तान से मिलने के बाद वह दोनों बातचीत करते हुए जा रहे थे तो सुरेंद्र की हत्या कर दी गई थी। कोमल ने कहा था कि मनु ने उनके पति सुरेंद्र की जमीन के विवाद में हत्या कर दी। सुरेंद्र ने मनु की बुआ और ताऊ के लड़के की जमीन खरीदी थी। इसके चलते मनु रंजिश रखता था। पुलिस ने मनु को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में मनु को बाइक पर बैठाकर ले जाने के आरोपी गांव जवाहरा के सचिन और हथियार उपलब्ध करवाने वाले पानीपत के गांव कालखा के अंकुश को गिरफ्तार किया गया था।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 29 मार्च को सुरेंद्र के निधन पर शोक जताने के लिए उनके घर पहुंचे थे। तब परिजनों ने सुरेंद्र की हत्या सरपंच के चुनाव की रंजिश में किए जाने की बात कही थी। सुरेंद्र की पत्नी ने सरपंच का चुनाव लड़ा था और हार गई थीं। परिजनों की मांग पर मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था। बाद में हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र सिंह कल्याण भी सुरेंद्र के घर पर शोक जताने पहुंचे तो निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया था। अब मुख्यमंत्री के आदेश पर एसीपी अजीत सिंह के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। एसआईटी में उनके साथ स्पेशल एंटी गैंगस्टर यूनिट प्रभारी अजय सिंह धनखड़ और साइबर यूनिट से कमल को शामिल किया गया है। एसआईटी ने मुख्य आरोपी मनु से पूछताछ के लिए दोबारा रिमांड पर लिया है।
वर्जन
सुरेंद्र की हत्या में आरोपी मनु को दोबारा रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। साक्ष्य जुटाकर ठोस कार्रवाई की जाएगी। -अजीत सिंह, प्रभारी, एसआईटी।