सोनीपत। ड्रेन नंबर छह के अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) दिल्ली से चार सदस्यीय टीम ने जायजा किया। यह टीम करीब 20 दिन में नगर निगम को अपनी रिपोर्ट के साथ लेआउट देगी।
इसी के अनुरूप अधूरी योजना को जल्द पूर्ण करवाया जा सकेगा और शहरवासियों को करनाल के मुगल कैनाल की तर्ज पर सुविधा प्रदान की जा सकेगी। अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए नगर निगम की ओर से 9.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं।
आईआईटी दिल्ली से आई चार सदस्यीय टीम ने प्रो. शोभिक दास के नेतृत्व में नगर निगम के कार्यकारी अभियंता विशाल गर्ग व कनिष्ठ अभियंता सचिन राठी के साथ ड्रेन नंबर 6 के अधूरे पड़े कार्यों का निरीक्षण किया।
शहर में चार पुलों पर जुड़ाव न होने व खुली ड्रेन के चलते हर समय लोगों को दुर्गंध झेलनी पड़ती है। इसको छिपाने के लिए नगर निगम ने मामा भांजा चौक के पास पुलिया पर ड्रेन के साथ ग्रिल लगाकर सुंदरता के लिए बागवानी की चित्रकारी बना रखी है।
अटल मिशन योजना से शहर की कायाकल्प का उद्देश्य
अटल मिशन (अमृत) योजना के तहत नगर निगम देवडू रोड से शादीपुर तक कायाकल्प व शहरी परिवर्तन के लिए ड्रेन का निर्माण करवाया रहा है। ड्रेन के पार्ट-1 को पक्का करने के लिए 92 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है और वर्ष 2024 में मानसून से पहले 92 फीसदी कार्य को पूर्ण कर लिया था। अब दिल्ली रोड, मुरथल रोड, बस अड्डे के पास, साई मंदिर रोड पर पुलों को ड्रेन से जोड़ने का कार्य अधूरा पड़ा है। इस कार्य को पूरा करने के लिए 9.50 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है। निगम ने वर्ष 2026 में अधूरी पड़ी योजना को सिरे चढ़ाने का निर्णय लिया है।
34 करोड़ से ड्रेन पर डेढ़ किमी सड़क का होगा निर्माण
सभी पुलिया पर निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद आईटीआई चौक के पास ड्रेन पर करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करवाया जाएगा। योजना के तहत सड़क के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट का निर्माण करवाया जाएगा। यह कार्य दिव्य नगर योजना के तहत किया जाएगा। इस कार्य को पूरा करने के लिए 34 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
आईआईटी टीम ने ड्रेन नंबर 6 के अधूरे पड़े निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया ताकि उन्हें जल्द पूरा करवाया जा सके। अधूरा निर्माण पूरा करवाने के लिए राज्यस्तरीय तकनीकी समिति (एसएलटीसी) की बैठक में पहले ही 9.50 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है। आईआईटी टीम ने 20 दिन में अपनी जांच रिपोर्ट व लेआउट सौंपने का आश्वासन दिया है।
- विशाल गर्ग, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम