सोनीपत। वन विभाग की ओर से जिला में वन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए चालू वित्त वर्ष में 1.23 लाख पौधे लगाए गए। पौधरोपण पर विभाग ने तीन करोड़ रुपये खर्च किए, मगर पौधों की सुरक्षा के खास इंतजाम नहीं कर सके। विभाग के पास इतने संसाधन नहीं रहे कि सभी पौधों के लिए ट्री गार्ड लगाए जा सकें। इससे सर्दी में पांच फीसदी पौधे खत्म हो चुके हैं। कई पौधे पानी के अभाव में सूख गए हैं।
वन विभाग की ओर से हर साल करीब आठ लाख पौधे तैयार किए जाते हैं, लेकिन अनदेखी के अभाव में पौधों की संख्या कम होती जा रही है। वन विभाग की ओर से जारी आंकड़े नर्सरी में तैयार होने वाले पौधों के आधार पर होते हैं। मगर जमीनी हकीकत कुछ और होती है। विभाग हर साल पौधरोपण का लक्ष्य तो तय करता है, लेकिन धरातल पर उतना ही मुश्किल होता है। बारिश में विभिन्न गांवों, सड़कों के किनारे, खेतों व अन्य खाली जगहों पर पौधे लगाए जाते हैं। पंचायतें, स्कूल व विभिन्न विभाग, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम कर रही संस्थाओं के साथ मिलकर पौधरोपण अभियान चलाया जाता है। रिकॉर्ड के मुताबिक तीन साल में अब तक 6 लाख 60 हजार 185 पौधे लगाए जा चुके हैं। फिर भी पानी व उचित देखभाल न होने से पौधे पेड़ नहीं बन पाते।
मियावाकी स्कीम के तहत पहली बार लगाए पौधे
जापानी वनस्पतिशास्त्री एवं पादप पारिस्थितिकी विशेषज्ञ प्रो. अकीरा मियावाकी की ओर से वन विकसित करने के लिए तकनीक मियावाकी तैयार की थी। सिटी फॉरेस्ट, मुरथल में 23 जुलाई 2024 को वन महोत्सव पर मियावाकी स्कीम के तहत पहली बार पौधे लगाए गए थे। उस दौरान 2.5 एकड़ में घना वन विकसित करने के लिए 10 हजार पौधे लगाए गए थे।
तीन वर्षों में लगाए गए पौधे
वर्ष पौधे लगाए गए
2022-23 3 लाख 38 हजार 235
2023-24 1 लाख 98 हजार 950
2024-25 1 लाख 23 हजार
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वन विभाग वर्षभर पौधों की देखभाल करता है। लगातार लाखों पौधे लगाए जाते हैं। उनमें पानी के साथ सर्दियों में बचाव की भी व्यवस्था की जाती है तभी पेड़ बन पाते हैं।
- रेनूबाला शर्मा, उप वन संरक्षक, वन विभाग