गांव जुआं-1 के खेतों में जलभराव की समस्या का समाधान नहीं होने से रोषित ग्रामीणों ने सोमवार को जिला प्रशासन के पुतले की यात्रा निकाली। ग्रामीण इससे पहले खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में एकत्रित हुए। यहां स पुतले की यात्रा गोहाना रोड स्थित पुलिस लाइन के सामने पहुंची। जहां ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन का पुतला जलाया।
धरनास्थल पर भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने पहुंचकर अपना समर्थन दिया। उन्होंने जिला प्रशासन से ग्रामीणों की मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। चढूनी ने कहा कि अनशन पर बैठे ग्रामीणों का स्वास्थ्य खराब होता जा रहा है, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक उनकी जांच नहीं करवाई गई। ग्रामीणों ने चेताया कि अगर प्रशासन ने 13 नवंबर तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया तो 15 नवंबर को धरनास्थल पर मजदूर किसान महापंचायत बुलाई जाएगी, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा के साथ आगामी निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान चढूनी ने धरनास्थल पर पहुंचे अधिकारी से भी समस्या का जल्द समाधान करवाने की मांग की।
लघु सचिवालय के सामने धरनास्थल पर भारतीय किसान पंचायत के बैनर तले धरना दे रहे किसानों ने बताया कि आठ गांव तेवड़ी, दुभेटा, मोई माजरी, चटिया देवा, रहमाना, सिटावली, नदीपुर माजरा व सलीमपुर ट्रॉली का पानी गांव जुआं में पहुंच रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से निकासी का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। जिससे गांव की 500 एकड़ जमीन पर धान की फसल खराब हो चुकी है। खेलों में पानी भरने से गेहूं की बुवाई भी नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि गांव में जलभराव की समस्या को लेकर किसान 21 अक्तूबर से धरने पर बैठे थे। पूर्व सरपंच धर्मबीर सिंह 18 दिन से अनशन पर हैं। पूर्व सरपंच अतर सिंह 31 अक्तूबर व उनके समर्थन में भारतीय किसान पंचायत से नागेंद्र उल्देपुर 1 नवंबर से अनशन पर बैठे हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने हठधर्मिता करते हुए आज तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया है। इस मौके पर छतर सिंह, सूरत सिंह, महेंद्र सिंह, रणबीर सिंह, दलबीर उल्देपुर, अभिमन्यु कोहाड़ व चढूनी ग्रुप से अशोक लठवाल मौजूद रहे।
लघु सचिवालय के सामने धरनास्थल पर अधिकारी व ग्रामीणों के साथ बातचीत करते भारतीय किसान यूनियन के न?- फोटो : Sonipat