पंचायती राज संस्थाओं का चुनाव प्रचार चरम पर है। 9 और 12 नवंबर को जिला परिषद, ब्लॉक समिति, सरपंच-पंच के होने वाले चुनाव के लिए प्रत्याशी प्रचार-प्रसार में जुटे हुए हैं। प्रत्याशी प्रचार के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा ले रहे हैं। प्रत्याशी ही नहीं बल्कि उनके समर्थक भी व्हाट्सएप और फेसबुक पर चुनाव प्रचार करते नजर आ रहे हैं। प्रत्याशी और उनके समर्थक अपने-अपने अंदाज में प्रचार कर रहे हैं। टेली कॉलिंग भी प्रचार का सटीक माध्यम बना हुआ है।
पंचायत चुनाव में ब्लॉक समिति व जिला परिषद सदस्यों के मतदान की तिथि नजदीक आते ही सोमवार शाम को प्रचार का शोर गुल बंद हो गया। अब प्रत्याशी घर-घर जाकर अपने समर्थन में वोट करने की अपील कर रहे हैं। उसके बावजूद प्रत्याशियों के सामने अपने पक्ष में मतदान की अपील के लिए अब सोशल मीडिया भी एक मंच बन चुका है। युवाओं के साथ ही बुजुर्ग भी सोशल मीडिया पर अपने प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने से पीछे नहीं हट रहे। गांव के कम शिक्षित बुजुर्ग प्रत्याशी अपने बेटों व पोतों से जानकारी लेकर खुद का प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया पर कर रहे हैं।
फेसबुक पर आ रहे लाइव, समर्थकों से शेयर करने की अपील
प्रत्याशी अपने समर्थकों तक पहुंचने के लिए फेसबुक पर लाइव आ रहे हैं। जिससे वह एक साथ सैकड़ों लोगों से जुड़ जाते हैं। जिसका फायदा प्रत्याशियों को मिल रहा है। वह खुद लाइव आकर प्रचार करने के साथ ही अपने साथियों को भी उनकी लाइव को शेयर करा रहे हैं। जिससे एक साथ सैकड़ों लोग उनका प्रचार देख पा रहे हैं।
व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम व टेलीग्राम पर पोस्टर और वीडियो छाए
गांवों में गलियां चुनाव प्रचार की सामग्री से अट हुई हैं। इसके साथ ही अब बोर्ड व फ्लैक्स की फोटो को अपने मोबाइल के माध्यम से प्रत्याशी व उनके समर्थक व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम व टेलीग्राम पर अपलोड कर रहे हैं। व्हाट्सएप के गांव, ब्लॉक व जिला परिषद के गांवों के अनुसार ग्रुप बनाए जा रहे हैं। उनके माध्यम से फोटो के साथ ही बेहतर वीडियो, चुनावी प्रपंच से ओतप्रोत गीत-संगीत भी लोड किए जा रहे हैं, जिस पर सभी का ध्यान जा रहा है।
वीडियो डाल दिख रहे विकास के सपने
चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वह गांव में कराए जाने वाले विकास कार्यों को लेकर वीडियो के माध्यम से दिखा रहे हैं। वीडियो को सोशल मीडिया पर डाल अपना प्रचार कर रहे हैं। हर कोई अपनी जीत का दावा कर रहा है। वह अपनी दिनभर में हुई गतिविधियों के साथ ही शक्ति प्रदर्शन व मतदाताओं से मिले आशीर्वाद के फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। इस पर लोगों की भी जमकर प्रतिक्रिया आ रही है।
टेली कॉलिंग से भी किया जा रहा प्रचार
टेली कॉलिंग के माध्यम से भी प्रचार किया जा रहा है। ग्रामीणों की माने तो दिनभर में अब 10 से 12 कॉल टेली कॉलिंग के माध्यम से आ रही हैं। जिसमें सभी अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं। दिनभर लोगों के फोन घनघनाते रहते हैं।