गोहाना। रोहतक-पानीपत रूट पर ट्रेन में बेसहारा मिली बच्ची के परिजनों का पता लग गया है। बच्ची मूलरूप से असम की रहने वाली है। उसके परिजन रोहतक के गांव जसिया में ईंट भट्ठे पर काम करते हैं। जीआरपी की गोहाना चौकी के प्रभारी ने रोहतक पुलिस को सूचना दे दी है।
रोहतक से पानीपत रूट पर जा रही ट्रेन में 27 मार्च को 12 साल की बच्ची गांव जसिया या घिलौड़ से चढ़ गई थी। वह ट्रेन में चढ़ने के बाद रोने लगी तो यात्रियों ने उससे बात की। बाद में जीआरपी गोहाना चौकी में इसकी सूचना दी गई। जीआरपी ने बच्ची को सीडब्ल्यूसी की तरफ से काउंसलिंग कराकर बाल भवन रोहतक में छोड़ दिया था। बच्ची ने स्वयं को असम का बताया था। पुलिस ने असम के थानों के नंबर जुटाकर वहां बच्ची का फोटो भेजा था। असम के रंगिया थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने बच्ची की पहचान हुसाबानो के रूप में दी। उसने स्वयं को बच्ची का मामा बताया। उन्होंने पुलिस को बताया कि बच्ची के माता-पिता गांव जसिया, रोहतक में ईंट भट्ठे पर काम करते हैं। चौकी प्रभारी बलवान ने उनसे संपर्क किया, जिससे बच्ची की पहचान हो गई।