सोनीपत। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नगर निगम की महत्वाकांक्षी योजना में अवरोध आ गया है। शहर में पांच स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए जारी 99 लाख रुपये का टेंडर लोकेशन स्पष्ट न होने के कारण रद्द करना पड़ा। क्योंकि किसी भी ठेकेदार ने ऑनलाइन आवेदन ही नहीं किया। इससे निगम की योजना शुरुआत में ही कागजों में उलझ गई।
नगर निगम ने वर्ष 2025 में शहर के पांच प्रमुख स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई थी। इनमें सेक्टर-14 मार्केट, सेक्टर-15 मार्केट, लघु सचिवालय, नगर निगम कार्यालय और सुभाष चौक शामिल थे। उद्देश्य था कि शॉपिंग एरिया, सरकारी कार्यालयों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को राहत मिल सके।
हालांकि टेंडर प्रक्रिया के दौरान चार्जिंग स्टेशन के लिए स्थान स्पष्ट रूप से निर्धारित नहीं किए थे। इसी तकनीकी खामी के चलते ठेकेदारों ने जोखिम लेने से इनकार कर दिया और किसी भी एजेंसी ने टेंडर में भाग नहीं लिया।
तीन वर्षों से हुआ इलेक्ट्रिक वाहनों में इजाफा
शहर में तीन वर्षों के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसके अनुपात में चार्जिंग पॉइंट नहीं बढ़ पाए हैं। इससे ईवी वाहन चालकों को चार्जिंग के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। नगर निगम का दावा है कि चार्जिंग शुल्क बाजार दर से कम रखा जाएगा ताकि आम लोग बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित हों।
वहीं निगम का दावा है कि पार्कों और सरकारी कार्यालयों के पास ऐसी जगहें चिह्नित की गई हैं, जहां चार्जिंग के दौरान वाहन आसानी से खड़े किए जा सकें। इससे न केवल पार्किंग की सुविधा मिलेगी बल्कि बाजारों और मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति भी नहीं बनेगी।
चार्जिंग प्वाइंट के लिए प्रस्तावित स्थान
सेक्टर-14 की मार्केट
सेक्टर-15 मार्केट
लघु सचिवालय
नगर निगम कार्यालय
सुभाष चौक
इस तरह शहर में बढ़े ई-वाहन
वर्ष वाहन
2021 357
2022 1072
2023 1777
2024 2284
2025 1626
नगर निगम ने चार्जिंग पॉइंट के लिए जगह चिह्नित कर रखी है। हालांकि टेंडर प्रक्रिया के दौरान ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए स्थान निर्धारित नहीं कर रखे थे। यह टेंडर 99 लाख रुपये का लगाया गया था। इसकी वजह से टेंडर लेने वाले एजेंसियों ने आवेदन करने से इनकार कर दिया। इसके चलते नगर निगम ने टेंडर को रद्द करना पड़ा है। निगम आयुक्त से विचार विमर्श करने के बाद दोबारा से टेंडर लगाया जाएगा।
- अजय निराला, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम