सोनीपत। मैं अकेली हूं। बरसों से पेंशन के सहारे जीवन चल रहा है। अब वह भी काट दी गई है। यह व्यथा सुनाई जिले की तिहाड़ कलां निवासी लक्ष्मी ने। उपायुक्त कार्यालय से सामने आईं समाधान शिविर की तस्वीरें बताती हैं कि 75 वर्षीय लक्ष्मी अकेली ऐसी महिला नहीं हैं। उनकी तरह सैकड़ों बुजुर्ग और विधवा पेंशन बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं।
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि वीरवार को जिलास्तरीय समाधान शिविर में 31 शिकायतें मिलीं। संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सरकारी तंत्र के मारे ये बेचारे
जीवन नगर निवासी सरोज बाला ने फैमिली आईडी में बिजली के चार मीटर दर्ज होने की शिकायत दर्ज कराई। बिजली निगम को आवश्यक कार्रवाई के लिए लिखा गया है। जटवाड़ा गांव निवासी सुरेंद्र ने अवैध कब्जा हटवाने की शिकायत दी। डीडीपीओ के माध्यम से त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
बैंयापुर निवासी जयनारायण ने गांव में पानी की निकासी की समस्या रखी। जुआं निवासी दीपक ने पीडब्ल्यूडी की तरफ से डाली गई पाइप लाइन व कनेक्शन से संबंधित शिकायत दर्ज कराई। जमालपुर निवासी दिलीप कुमार ने इंतकाल से संबंधित शिकायत दर्ज कराई। तहसील कार्यालय को तुरंत निपटान के निर्देश दिए गए।
तिहाड़ कलां की 75 वर्षीय लक्ष्मी ने बताया कि वह वृद्धावस्था पेंशन पर निर्भर हैं। इस माह पेंशन न मिलने से वह परेशान हैं। उनके पास 1994 में जारी पहचान पत्र है। इसमें 42 वर्ष की उम्र दर्ज है। परिवार पहचान पत्र में भी आय पात्रता के अनुरूप है। इसके बावजूद पेंशन काट दी गई। एक समाधान शिविर में अधिकारियों ने पेंशन बनाने के आदेश दिए लेकिन संबंधित विभाग में सुनवाई नहीं हुई। उन्हें बार-बार इधर-उधर भेजा गया।
आंबेडकर कॉलोनी खेवड़ा की संजय देवी ने बताया कि वह छह माह से विधवा पेंशन के लिए प्रयास कर रही हैं। कभी साइट न चलने तो कभी फाइल लंबित होने का बहाना बनाकर टाल दिया जाता है। अब उनका राशन कार्ड भी काट दिया गया। इसी तरह महलाना गांव की कविता ने परिवार पहचान पत्र में गलत तरीके से चार पहिया वाहन दर्ज होने से राशन कार्ड कटने की शिकायत रखी।
समाजसेवी ने उपायुक्त से की ये मांग
समाजसेवी मनजीत तिहाड़ा ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था भ्रष्टाचार कम करने में सहायक है। हालांकि, जमीनी स्तर पर कमजोर वर्ग इससे वंचित हो रहा है। उन्होंने उपायुक्त से मांग की है कि सभी कार्यालयों में पूछताछ केंद्र स्थापित करने और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए।
खरखौदा उपमंडल में आईं 6 शिकायतें
खरखौदा के एसडीएम डॉ. निर्मल नागर ने भी लोगों की शिकायतें सुनीं। इनमें दो फैमिली आईडी से संबंधित, दो खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय से संबंधित थीं। एक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से संबंधित और एक शिकायत तहसील में इंतकाल से संबंधित रही।