संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर बुद्धा एजुकेशन सोसाइटी की ओर से गांव टोकी में समारोह का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अध्यापिका अलका ने कहा कि शिक्षित महिलाओं के बिना विकसित भारत का सपना संभव नहीं है। हर बेटी को शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। इसके लिए सरकार की ओर से स्नातक तक शिक्षा निशुल्क दी जा रही है।
बिमला देवी ने बताया कि देश में महिला शिक्षा की शुरुआत पहली शिक्षिका माता सावित्री बाई फुले ने की थी। उन्होंने 11 विद्यालय खोलकर सभी के लिए शिक्षा के द्वार खोले। संविधान ने महिलाओं को समानता और न्याय देकर उच्च पदों पर सुशोभित किया है। आज करोड़ों महिलाएं सम्मान का जीवन व्यतीत कर रही हैं।
प्रधान धर्मपाल तूर ने कहा कि बुद्धा एजुकेशन सोसाइटी कई गांव में सांयकालीन निशुल्क ट्यूशन सेंटर महिलाओं के माध्यम से चला रही है। इस दौरान रजनी, रीना, एंजल, किरण, कुंतेश, सुमित्रा, रितू, साक्षी, मनीषा, शारदा,रुपा , सुनीता, सीमा, रश्मि, कृष्णा, तानिया, तनवी, राधिका मौजूद रही।