गोहाना। अंग्रेजों के जमाने की तहसील गोहाना को जिले का दर्जा दिए जाने की पुरानी मांग फिर से उठने लगी। यह मांग समय-समय पर जोर पकड़ती रही। आंदोलन हुए,समितियां बनीं,राजनीतिक आश्वासन भी मिले,लेकिन अभी भी यह एक सपना ही है। बरसों पहले चरखी दादरी और अब हांसी को जिला बनाए जाने के बाद गोहानावासियों के दिल में उपेक्षा की भावना और गहरी हो गई है।
इतिहास पर नजर डालें तो गोहाना को वर्ष 1826में तहसील का दर्जा मिला था। इसके बाद उपमंडल भी बना। पहले गोहाना तहसील रोहतक जिले में शामिल थी,जहां की दूरी लगभग 35किलोमीटर थी। वर्ष 1972में सोनीपत जिला बनने के बाद गोहाना को सोनीपत में शामिल कर दिया गया,जिसकी दूरी भी करीब 36किलोमीटर है। आज भी गोहाना के लोगों को छोटे-बड़े प्रशासनिक कार्यों के लिए सोनीपत के चक्कर काटने पड़ते हैं,जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।
2006में गोहाना जिला बनाओ संघर्ष समिति का गठन हुआ। समिति ने इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया। सामाजिक संगठनों,व्यापारियों और आम नागरिकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। एक दशक बाद तत्कालीन कृषि मंत्री ओपी धनखड़ की अध्यक्षता वाली कमेटी की सिफारिशों के बाद उम्मीद जगी। हालांकि यह उम्मीद भी समय के साथ ठंडी पड़ गई।
व्यापारी वर्ग और आम नागरिकों ने अपने अंदाज में रखा पक्ष
गोहाना के बाजारों और सामाजिक हलकों में जिला बनने की मांग को लेकर एकजुटता साफ नजर आती है। अगर गोहाना जिला बनेगा तो हमें सोनीपत नहीं जाना पड़ेगा। छोटे-बड़े सभी काम यहीं होंगे। इससे हमारी पहचान एक जिले के रूप में बनेगी-मेरा गोहाना,मेरी शान। -राजकुमार,दुकानदार
जिला बनने से सबसे बड़ा लाभ रोजगार का मिलेगा। बड़े दफ्तर खुलेंगे,युवाओं को अवसर मिलेंगे,रिक्शा चालकों और छोटे दुकानदारों की आमदनी बढ़ेगी। काम यहीं होगा तो परेशानी भी कम होगी।-सागर सेतिया,दुकानदार
गोहाना एक पुरानी तहसील है। हमसे बाद में बने इलाकों को जिला बना दिया गया,लेकिन गोहाना पीछे रह गया। यहां पुराने कॉलेज और महिला कॉलेज तक हैं। मेरा मानना है कि गोहाना को जल्द जिला बनाया जाए। -राहुल गोयल,आटा चक्की संचालक
गोहाना को जिला बनाने की मांग दो दशक से भी अधिक पुराना है। हर राजनीतिक दल ने वादे किए,लेकिन अमल नहीं हुआ। अब हांसी भी जिला बन गया,तो गोहाना को क्यों नहीं बन सकता। विकास के लिए गोहाना को जिला बनाया जाना चाहिए। -सिकंदर,व्यापारी
जिला बनने से विकास तेजी होगा। भू संपत्तियों के दाम बेहतर मिल सकेंगे। श्रमिकों के लिए रोजगार बढ़ेगा तो पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ेगी। अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।-अंकित सैनी,शहरवासी
गोहाना का ऐतिहासिक और राजनीतिक महत्व रहा है। निरंतर विकास के लिए इसे जिला बनाना जरूरी है। यह मांग काफी लंबे समय से की जा रही है। अब इसे जल्द सिरे चढ़ाया जाना चाहिए। -पवन वर्मा,ज्योतिषी
जिला बनने से आम आदमी का जीवन आसान होगा। अधिकारी यहीं बैठेंगे तो काम भी यहीं होंगे। सोनीपत के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। विकास के कई मार्ग प्रशस्त होंगे। -सुनील मनचंदा,व्यापारी
गोहाना के आसपास 30-40किलोमीटर के दायरे में कई जिले हैं। अगर सरकार चाहे तो गोहाना को जिला बनाने में कोई बाधा नहीं है। इससे संपत्ति के दाम बेहतर होंगे,छोटे व्यापारियों को लाभ मिलेगा और टैक्स व प्रशासनिक मामलों का निपटान यहीं हो सकेगा। -परमानंद,सेवा भारती के जिला संरक्षक और गीता विद्या मंदिर के पूर्व अध्यक्ष
फोटो 23: राजकुमार।
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