फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश की राजधानी कोे जाने वाली सड़क की हालत गांव से भी बदतर

विज्ञापन
गांव भैंरा में टूटी सड़क पर भरा पानी। संवाद - फोटो : Sonipat
विज्ञापन
किसान आंदोलन के चलते नेशनल हाईवे-44 बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी मनौली, भैंरा-बांकीपुर, खटकड़ व जांटी के ग्रामीणों को हो रही है। हाईवे बंद होने से इन गांवों के बीच से गुजर रही सड़क पर वाहनों का आवागमन अधिक हो गया है, जिसके चलते यह सड़क टूटकर बिखर गई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे नजर आ रहे हैं। कहीं-कहीं तो सड़क पर इतने गड्ढे हो गए हैं कि तारकोल की समतल सड़क को गड्ढों के बीच खोजना पड़ रहा है। कई जगह गड्ढों में पानी भरने से सड़क ने तालाब का रूप ले लिया है। यहां रोज चार पहिया वाहन पलट रहे हैं तो दोपहिया वाहन चालक गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
विज्ञापन

साढ़े नौ माह पहले किसानों ने नेशनल हाईवे-44 को कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर बंद कर दिया था। इसके बाद से वाहन चालक दिल्ली में आवागमन के लिए नांगल, अटेरना, मनौली से भैंरा-बांकीपुर, खटकड़, जांटी से होते हुए दिल्ली के गांव सिंघु से होकर आगे जा रहे हैं। यहां से रोजाना 40 हजार से ज्यादा वाहन चालक दिल्ली के लिए आवागमन करते हैं। वाहनों की अधिकता के कारण यह सड़क खस्ताहाल हो गई है। उसके बावजूद लोगों को इस सड़क से गुजरने को विवश होना पड़ रहा है। कई बार इस मार्ग से गुजरते समय दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। मार्ग पर वाहनों का लंबा जाम लग रहा है, लेकिन पीडब्ल्यूडी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और प्रशासन सड़क की सुध नहीं ले रहा है। ऐसे में लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि वह जिला प्रशासन से लेकर विधायक तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। लोगों ने जल्द इस समस्या के समाधान की मांग की है।
यह बोले लोग
कुंडली बॉर्डर बंद होने से सभी वाहन गांवों के अंदर से होकर दिल्ली जा रहे हैं, जिससे सड़क टूटकर बिखर गई है। बारिश में सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भर गया है, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। भैंरा-दहिसरा रोड पर आए दिन बड़े वाहन पलट रहे हैं। इस दिशा में ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन

- दीपक चौहान, प्रदेश संगठन महामंत्री, करनी सेना
किसानों के हाईवे पर बैठने के बाद वाहन चालक मेरे गांव से होकर दिल्ली जा रहे हैं, जिससे मेरे गांव की सड़क इस कदर टूट गई है कि यहां तारकोल से बनी सड़क कहीं-कहीं दिख रही है। पानी भरने से सड़क तालाब नजर आ रही है। जल्द इस सड़क का निर्माण होना चाहिए।
- जयराम शर्मा, गांव भैंरा-बांकीपुर
हाईवे बंद होने से लोगों को दिल्ली जाने के लिए मनौली वाया खटकड़ से सिंघु जाना पड़ता है। इस मार्ग पर इतने गड्ढे हो गए हैं कि यहां से निकलते समय हर समय हादसे का भय बना रहता है। इसे लेकर प्रशासन को तुरंत पहल करनी चाहिए।
- नीतू दहिया, सामाजिक कार्यकर्ता
खादर क्षेत्र में टूटकर बिखरी सड़क लगातार हादसों का कारण बन रही है। समस्या इस कदर बढ़ चुकी है कि अब तो यहां से निकलने में डर लगने लगा है। इस दिशा में तुरंत ठोस पहल की जानी चाहिए।
- चरण सिंह चौहान, सामाजिक कार्यकर्ता
वर्जन
सड़क की स्थिति में सुधार के लिए प्रयास शुरू कर दिया है। जेई भेजकर सड़क का निरीक्षण कराया गया है। सड़क के गड्ढों को भरने का काम शुरू कर दिया गया है। बरसात के सीजन के बाद टेंडर कराकर सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
विज्ञापन

- पंकज गौड़, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग

गांव भैंरा-दहिसरा के पास टूटी सड़क से गुजरते वाहन। संवाद- फोटो : Sonipat

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें