सोनीपत। मौसम के बदले मिजाज से चार दिनों से लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। रविवार को भी दोपहर बाद तक बारिश का दौर चलता रहा। बारिश से शहर के प्रमुख मार्गों पर जलभराव हो गया। झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं, लेकिन शहरवासियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। रविवार को 40.33 एमएम बारिश से शहर के हालात बिगड़ गए। कई क्षेत्रों में पानी लोगों के घरों में भर गया।
शनि मंदिर अंडरब्रिज मेें पानी भरने से शहर दो भागों में बंटा रहा। जलभराव से शहर की सड़कें जलमग्न रहीं। जिससे वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी। मौसम विभाग ने बारिश का पूर्वानुमान पहले ही जारी कर दिया था। बारिश से रबी सीजन की फसलों को फायदा हुआ है। लगातार हो रही बारिश से किसानों को जहां काफी समय तक फसलों की सिंचाई की जरूरत नहीं रहेगी, वहीं गेहूं की फसलों में पैदावार बढ़ेगी। सब्जी की फसलों का फूल दो दिन लगातार बारिश होने से क्षतिग्रस्त हुआ है। इससे फूल वाली सब्जियों की पैदावार प्रभावित रहेगी। मौसम विशेषज्ञों ने सोमवार को मौसम सामान्य रहने की संभावना जताई है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश होने की संभावना नहीं है। लगातार हो रही बारिश से शहरवासियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बारिश से शहर में बनी जलभराव की स्थिति, टूटीं सड़कें
लगातार हो रही बारिश से शहर के शनि मंदिर मार्ग, शनि मंदिर अंडरपास, गीता भवन चौक, ताऊ देवीलाल चौक, हाउसिंग बोर्ड सोसायटी, सब्जी मंडी रोड, कांठ मंडी रोड, तिरंगा चौक, आईटीआई चौक, सेक्टर 14 और 15 क्षेत्र, सुभाष स्टेडियम सहित अन्य मार्गों पर जलभराव की स्थिति बनी रही। सड़कों पर जलभराव होने पर गोहाना रोड ओवरब्रिज, रोहतक रोड ओवरब्रिज, गीता भवन चौक, मॉडल टाउन, गुरुद्वारा रोड पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई। जिसका खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।
घरों में घुस गया पानी
हाउसिंग बोर्ड सोसायटी में बारिश का पानी सड़कों पर कई फुट तक भर गया। उसके बाद पानी घरों में घुसना शुरू हो गया। रातभर होती रही बारिश के चलते लोगों के घरों में पानी जमा हो गया। लोग प्रयास करके भी घरों से पानी को बाहर नहीं निकाल पाए। सड़कों पर भी पानी भरा रहा और जल निकासी की व्यवस्था की पोल खुलती रही। आवासीय क्षेत्रों के साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति भी बेहद खराब है। सोनीपत औद्योगिक क्षेत्र, राई औद्योगिक क्षेत्र कुंडली औद्योगिक क्षेत्र और बड़ी औद्योगिक क्षेत्रों में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। जलभराव के चलते भारी वाहनों का पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ड्रेनेज नहीं होने का भुगत रहे खामियाजा
शहर में ड्रेनेज सिस्टम नहीं है। पुराने बसे शहर में पानी निकलने के लिए नालों की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां पर बारिश का पानी सीवरेज में डाला जाता है। सीवर में बारिश का पानी डालने के लिए छोटे-छोटे स्थान छोड़े गए हैं। उनमें से होकर पानी सीवर में आसानी से नहीं पहुंचता है, जिससे जलभराव शुरू हो जाता है। बारिश होने के कई घंटे बाद तक पानी भरा रहता है। कई क्षेत्रों में तो पानी को साफ होने में दो दिन तक का समय लग जाता है।
बारिश के चलते गिरा गरीब का आशियाना
महलाना गांव में सतीश रात में पत्नी और बच्चे के साथ कमरे में सो रहा था। अचानक उसका मकान गिर गया। सतीश का परिवार मलबे के नीचे दब गया। मकान गिरने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने दबे हुए सतीश और उसके परिवार को बाहर निकाला। घायलों को चिकित्सक के यहां ले जाया गया, जहां पर उनको प्राथमिक उपचार दिया गया। सतीश का सारा सामान घर के मलबे में दब गया। खरखौदा मार्केट कमेटी के चेयरमैन अनिल झरोंठी ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजे देने की मांग की है।
कहां कितनी हुई बारिश
सोनीपत 38 एमएम
गोहाना 45 एमएम
गन्नौर 45 एमएम
खानपुर कलां 52 एमएम
खरखौदा 40 एमएम
राई 22 एमएम
वर्जन
जिले में चार दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। जलभराव से फसलों में कितना नुकसान हुआ है, इसका अनुमान लगाने के लिए कृषि विभाग की टीमें फील्ड पर उतरी हैं। किसानों का आह्वान किया गया है कि वे खेतों में अधिक जलभराव होने पर पानी निकासी की व्यवस्था करे। जलभराव के कारण सरसों के साथ गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है।
- देवेंद्र कुहाड़, तकनीकी सहायक, कृषि विभाग, सोनीपत
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वर्जन
चार दिनों से बारिश का दौर जारी है। अब मौसम साफ हो जाएगा। सोमवार को कुछ क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना कम है। बारिश गेहूं व अन्य फसलों को लाभ हुआ है। जनवरी में हुई बारिश पर्यावरण संतुलन का प्रतीक है।
- डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, सोनीपत