सोनीपत। खेलों को बढ़ावा देने के दावे भले ही किए जा रहे हों लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। प्रदेश सरकार की अनदेखी के चलते जिले के अधिकतर राजीव गांधी खेल परिसरों की हालत बदतर हो चुकी है। इनमें अभ्यास करने के लिए मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। जब सुविधाओं और संसाधनों का टोटा है तो खेल प्रतिभाएं कैसे निखरेंगी। व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए जिला खेल अधिकारी एक साल से बजट की मांग कर रहे हैं लेकिन बजट मंजूर नहीं किया गया।
जिले के विभिन्न गांवों में 16 खेल परिसर हैं। इनमें से तीन-चार को छोड़कर सभी बदहाली के कगार पर पहुंच चुके हैं। लंबे समय से खेल परिसरों की मरम्मत नहीं हो सकी हैं। खेल विभाग ने 11 माह पहले परिसरों की मरम्मत व रखरखाव के लिए 1.50 करोड़ का बजट बनाकर खेल विभाग पंचकूला को भेजा था लेकिन बजट पास नहीं हुआ। जबकि खेल परिसरों में बने भवन जर्जर हो चुके हैं। भवनों के दरवाजे-खिड़कियां व पंखे तक चोरी हो चुके हैं। परिसरों की मरम्मत, रंग-रोगन, मैदान की सफाई व उचित खेल उपकरणों के लिए खेल विभाग ने बजट की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि बजट आने के बाद ही व्यवस्था दुरुस्त करवाई जाएंगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर तक नाम चमका चुके हैं खिलाड़ी
जिले के खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा से देश का नाम विश्व पटल पर चमकाया है। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने पदक दिलाए हैं। ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए सुमित, निशा वारसी व नेहा गोयल ने हॉकी को नई पहचान दिलाई है। वहीं योगेश्वर दत्त व रवि दहिया ने कुश्ती और सुमित आंतिल ने पैरा ओलंपिक में पताका फहराते हुए देश का नाम चमकाया हैं। अन्य अनेक खिलाड़ी विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने खेल कौशल से पदक ला रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन की अनदेखी से जिले के खेल परिसरों पर अव्यवस्था हावी है।
ग्रामीणों ने अपने स्तर पर सुधारी स्थिति
गांव जुआं के ग्रामीणों ने खिलाड़ियों को खेल में आगे बढ़ाने के लिए मिलकर प्रयास करते हुए गांव में स्थित खेल परिसर की स्थिति सुधारी है। वहीं गांव महमूदपुर में भी पंचायत, ग्रामीणों व खिलाड़ियों ने मिलकर खेल परिसर के हालात सुधारने का प्रयास किया है। खेल अधिकारी ने कई बार परिसरों की जांच भी की, प्रशिक्षक व चौकीदार ना होने के कारण हालात बदतर होते जा रहे हैं।
वर्जन
जिले के विभिन्न गांवों में स्थित खेल परिसरों की मरम्मत व रखरखाव के लिए 11 महीने पहले करीब 1.50 करोड़ रुपये के बजट की मांग की गई थी। इसका अभी तक इंतजार कर रहे हैं। बजट जारी होने के बाद खेल परिसरों को सुधारा जाएगा।-देवेंद्र दहिया, कार्यकारी जिला खेल अधिकारी।