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Sonipat News: वर्तमान चलता रहे और भविष्य के लिए बचता रहे वाला हो बजट

Wed, 28 Jan 2026 01:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सुनील कुमार जसपाल, ड्राफ्समैन
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गोहाना। बजट से हर किसी की एक ही अपेक्षा होती है कि वर्तमान चलता रहे और भविष्य के लिए बचता रहे। यह सब तब संभव होता है जब हर चीज हमारे बजट में हो। क्षेत्र के कर्मचारी, इंजीनियर और डॉक्टर्स ने 1 फरवरी को केंद्र सरकार और बाद में हरियाणा सरकार की तरफ से पेश किए जाने वाले वित्तवर्ष 2026-27 के बजट से अपनी ये अपेक्षाएं व्यक्त की हैं।
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बजट में स्किल्ड टेक्निकल कर्मचारियों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। कम सैलरी में ज्यादा काम लिया जा रहा है। सरकार को ट्रेनिंग, नए डिजाइन सॉफ्टवेयर और तकनीकी अपग्रेडेशन पर सब्सिडी देनी चाहिए। छोटे प्राइवेट दफ्तरों को टैक्स में राहत मिलनी चाहिए ताकि कर्मचारियों को बेहतर वेतन, जॉब सिक्योरिटी और स्थायी रोजगार मिल सके। -सुशील कुमार जसपाल, ड्राफ्ट्समैन सिविल।
बजट में भवन निर्माण से जुड़े नक्शा पास कराने की फीस पर राहत मिलनी चाहिए। छोटे शहरों में फीस ज्यादा होने से लोग नक्शा पास नहीं कराते। अगर सभी फीस न्यूनतम की जाएं तो लोग नियमों के तहत निर्माण कराएंगे। अवैध निर्माण कम होगा और सरकार को भी ज्यादा राजस्व प्राप्त होगा। -महेंद्र भारद्वाज, ड्राफ्ट्समैन सिविल
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बजट में सबसे जरूरी है टैक्स में राहत। हर महीने सैलरी आते ही ईएमआई, किराया और बच्चों की फीस निकल जाती है। अगर इनकम टैक्स स्लैब बढ़े और हेल्थ इंश्योरेंस सस्ता हो जाए तो नौकरी पेशा को थोड़ी राहत मिलेगी। महंगाई से बचने का सहारा चाहिए। -आशा रानी, हिंदी प्रोफेसर
बजट में डीए बढ़ोतरी और मेडिकल सुविधाओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। रिटायरमेंट के बाद की सुरक्षा भी जरूरी है। पेंशन नियम आसान हों और बच्चों की पढ़ाई पर टैक्स छूट मिले तो नौकरी करने वालों को बजट सही मायनों में फायदा देगा। -डॉ़ सुजाता, अंग्रेजी की प्रोफेसर


सरकार से उम्मीद है कि नए मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर-शिक्षकों की नियमित और पारदर्शी भर्ती की जाए। बजट में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पद शीघ्र भरने, वेतन व पदोन्नति नीति स्पष्ट करने का प्रावधान हो। साथ ही शोध, प्रशिक्षण, सिमुलेशन लैब और सीएमई जैसी आधुनिक सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाए। -डॉ़ श्याम सुंदर रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर
सरकार को वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली यानि आयुष को समानांतर चिकित्सा प्रणाली घोषित कर देना चाहिए। आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी चिकित्सा पद्धति, योग, सिद्ध योग को प्रोमोट करने के लिए ज्यादा से ज्यादा बजट रखा जाए। इससे आम आदमी की जेब पर डाका और दिल-दिमाग पर आघात नहीं पहुंचेगा। इस वक्त मेन स्ट्रीम में चल रही चिकित्सा प्रणाली की प्रैक्टिस कर रहे प्राइवेट डॉक्टर कई बार इतना पैसा मांग बैठते हैं कि किसी अपने को बचाने के चक्कर में या तो हार्ट अटैक से मर जाता है या फिर कर्ज में डूब जाता है। -डॉ. वीएन शर्मा, आयुर्वेदाचार्य।

सुनील कुमार जसपाल, ड्राफ्समैन

सुनील कुमार जसपाल, ड्राफ्समैन

सुनील कुमार जसपाल, ड्राफ्समैन

सुनील कुमार जसपाल, ड्राफ्समैन

सुनील कुमार जसपाल, ड्राफ्समैन

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