गोहाना। शहर के व्यापारी से रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार षड्यंत्र रचने के आरोपी से पुलिस ने मुख्य आरोपी का मोबाइल बरामद किया है। आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने व भाई की लोकेशन की जानकारी नहीं होने देने के लिए मोबाइल को अपने पास रखा था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
गोहाना के व्यापारी से 23 नवंबर को व्हाट्सएप पर कॉल कर और मैसेज भेजकर दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। मामले का पता लगने पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया था। शुक्रवार रात को बदमाशों ने व्यापारी को 10 लाख रुपये लेकर नरवाना में विश्वकर्मा चौक पर बुलाया था। व्यापारी ने पुलिस को बताया तो उन्हें नकली नोट देकर भेजा गया था। उनके साथ सीआईए गोहाना के प्रभारी वीरेंद्र, सोनीपत व कुंडली की सीआईए समेत पुलिस की छह टीम गठित कर भेजी गई थी। नरवाना में रुपये लेने के दौरान शक होने पर बदमाशों की पुलिस से मुठभेड़ हो गई थी। इस पर उन्होंने फायरिंग कर दी थी। पुलिस ने भी बचाव में गोलियां चलाई थी। बाद में वह भागकर जंगल में घुस गए थे।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान बदमाश अपनी कार छोड़ कर भागे थे। पुलिस ने कार व हथियार कब्जे में लेने के बाद कार्रवाई करते हुए षड्यंत्र रचने के आरोप में कैथल में गुहला चीका निवासी युघविंद्र को गिरफ्तार किया था। युघविंद्र का भाई गुरविंद्र और उसका साथी व्यापारी से रंगदारी लेने गए थे।
पुलिस ने बताया कि युघविंद्र ने अपने भाई गुरविंद्र से कहा था कि पुलिस उनका पीछा कर सकती है। पुलिस लोकेशन के हिसाब से उन तक पहुंच सकती है। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी ने अपने भाई के मोबाइल को अपने पास रख लिया था।