सोनीपत। मंगलवार को तड़के लोग सोकर उठे तो हवा का प्रवाह कम होने के चलते वातावरण में हल्का स्मॉग छाया था। वायु गुणवत्ता का स्तर बेहद खराब श्रेणी में था। हालांकि दिन में हवा का प्रवाह तेज होने छाई स्मॉग की चादर घटती चली गई और शाम को वायु गुणवत्ता सूचकांक में कमी दर्ज की गई। हवा चलने से मौसम में ठंड बढ़ गई है। न्यूनतम तापमान में दो डिग्री तक की कमी दर्ज की गई है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तड़के स्मॉग छाने से वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब स्थिति में था। मंगलवार को तड़के पांच बजे जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक 340 दर्ज किया गया था। हालांकि फिर हवा का प्रवाह बढ़ने के साथ ही इसमें कमी आने लगी। शाम चार बजे तक एक्यूआई 288 पर पहुंच गया। इसमें भी रात आठ बजे और सुधार हुआ। रात को आठ बजे एक्यूआई 254 पर आ गया। बेशक यह भी खराब स्थिति है, लेकिन सुबह से शाम को राहत मिली है। प्रदूषण का स्तर कम होने से लोगों को आंखों में जलन व सांस लेने में हो रही परेशानी से राहत मिली है। वातावरण में पीएम 10 का स्तर 307 दर्ज किया तो पीएम 2.5 का स्तर 333 दर्ज किया। न्यूनतम तापमान में दो डिग्री तक की गिरावट और अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 26.5 और न्यूनतम 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। एक दिन पहले जिले का अधिकतम तापमान 25.6 और न्यूनतम 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिनभर नौ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलती रही।
सप्ताह बाद खुले स्कूल, लौटी रौनक
आखिरकार सप्ताह भर बाद जिले में मंगलवार को सभी निजी व सरकारी स्कूलों में बच्चों की कक्षाएं लगाई गई। इससे पहले प्रदूषण की वजह से स्कूलों की छुट्टी कर ऑनलाइन पढ़ाई के निर्देश दिए गए थे। अब स्कूलों को खोल दिया गया है।
पहाड़ी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके कारण बर्फबारी हुई है। इसका सीधा असर अब मैदानी क्षेत्रों के तापमान पर दिखाई देगा। प्रदूषण में उतार-चढ़ाव अभी सप्ताह भर तक बना रहेगा।
- डॉ. प्रेमदीप, मौसम विज्ञानी, केवीके जगदीशपुर