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Sonipat News: वायुसेना हर स्थिति से निपटने में सक्षम, जरूरत पड़ी तो हम सरहद पर लड़ने को हैं तैयार

Wed, 08 Oct 2025 02:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो 09: सोनीपत के गन्नौर ​स्थित केडी नगर में अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित संवाद कार्यक्
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सोनीपत/गन्नौर। भारतीय वायु सेना हर परिस्थिति से निपटने में सक्षम है। पहलगाम की आतंकी घटना के बाद वायु सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के एयरबेस और आतंकी अड्डाें को तबाह कर इसे साबित कर दिया है। इसके लिए ऑपरेशन सिंदूर में शामिल जांबाज सैनिकों व सैन्य अधिकारियों को पूर्व सैनिक सलाम करते हैं। अगर जरूरत पड़ी तो हम सेवानिवृत्त होने के बाद भी सरहद पर लड़ने के लिए तैयार हैं। ये बातें पूर्व सैनिकों ने 8 अक्तूबर को वायु सेना दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार को गन्नौर स्थित केडी नगर में अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद में कहीं।
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संवाद कार्यक्रम के 13 पूर्व सैनिक शामिल हुए। इसमें रिटायर्ड सूबेदार मूलचंद व भीम सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्त होने के बाद भी आवश्यकता पड़ने पर वे दोबारा सरहद पर जाकर देश के लिए लड़ने के लिए हर समय तैयार रहते हैं। सेवानिवृत्त वारंट अफसर नफेसिंह ने बताया कि रक्षा उपकरणों के मामले में अब भारत आत्मनिर्भर बन रहा है। स्वदेशी रक्षा उपकरणों के माध्यम से पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना ने जवाब दिया था।
रतन मलिक ने कहा कि अब तकनीकी युग में देश के अंदर एयरक्राफ्ट बनने लगे हैं। देश में अब एक मजबूत एविएशन निर्माण इकोसिस्टम विकसित हो चुका है। स्वदेशी लड़ाकू विमानों के निर्माण की तकनीक में निरंतर सुधार हुआ है।
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रिटायर्ड एसी नवीन प्रताप त्यागी ने कहा कि सेना भर्ती में ऑनलाइन परीक्षा पारदर्शिता से कराई जा रही है। सक्षम युवा अब सेना में जा रहे हैं। सेना में हरियाणा के जवानों का सर्वोच्च स्थान है।
सार्जेंट दीवान चंद ने बताया कि वायुसेना ज्वाइन करने के बाद युवा अपने कार्य कौशल में पारंगत हो रहे हैं। वायुसेना में अधिकतर कार्य तकनीक पर आधारित है। कैप्टन सुखबीर सिंह ने कहा कि युवाओं की पहली सोच सेना के प्रति होनी चाहिए। सेना में जाने से युवा अनुशासित हो जाते हैं। पूर्व कैप्टन सोनेश्वर ने बताया कि पहले सेना में देश सेवा करना बहुत मुश्किल था लेकिन संसाधनों के बढ़ने से देशसेवा करना और बेहतर हो गया है।
जेडब्ल्यूओ धर्मपाल त्यागी ने बताया कि वायुसेना ज्वाइन करने के बाद युवाओं को आगे की पढ़ाई करने का अवसर मिलता है। युवाओं को सेना में जरूर जाना चाहिए। आनंद प्रकाश ने बताया कि सेना युवाओं को अनुशासन में रहना सिखाती है।

भूतपूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष व पूर्व सूबेदार नायक ओमप्रकाश मलिक ने कहा कि सरकार सेना में अग्निवीरों की भर्ती कर रही है। चार साल की सेवा में अग्निवीरों को आर्थिक रूप से संपन्न किया जा रहा है जिससे भविष्य में युवा स्वरोजगार स्थापित कर सकें।
पूर्व सूबेदार केसी दहिया ने बताया कि सरकार ने अग्निवीर योजना में कुछ कमियां छोड़ दी हैं। उनकी मांग है कि शहादत देने वाले अग्निवीरों को शहीद का दर्जा दिया जाए और उन्हें पेंशन से वंचित न किया जाए।
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