खरखौदा (सोनीपत)। पावर ग्रिड बिजली लाइन के मुआवजे को लेकर चल रहा विवाद शनिवार को सुलझ गया। प्रशासन की ओर से मांगें मानने का आश्वासन दिए जाने के बाद झिंझौली के किसानों ने शनिवार सुबह शुरू किया धरना शाम को खत्म कर दिया।
किसानों ने खेतों से गुजर रही बिजली लाइन का मुआवजा नई नीति के तहत देने की मांग कर रहे थे। इसको लेकर किसानों ने शुक्रवार को झिंझौली में बिजली लाइन का कार्य रोक दिया था। किसान शनिवार को पंचायत करने वाले थे लेकिन इससे पहले एसडीएम ने मांगें पूरी करने का आश्वासन किसानों को दिया।
इससे पहले किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री नायब सैनी से चंडीगढ़ जाकर मिला। मुख्यमंत्री ने भी उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था। आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने धरना खत्म कर दिया।
किसानों ने झिंझौली गांव में पावर ग्रिड की लाइन का विरोध करते हुए शनिवार को धरना शुरू कर दिया था। एसडीएम डॉ. निर्मल नागर शनिवार को मौके पर पहुंचे और कहा कि एक समन्वय कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें किसान प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।
यही कमेटी यह तय करेगी कि किसानों को कितना मुआवजा दिया जाना है। निर्णय के बाद प्रशासन और पावर ग्रिड के अधिकारियों की सहमति से किसानों को मुआवजा वितरित किया जाएगा।
एसडीएम ने साफ किया कि किसी भी किसान के साथ अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि बुधवार को जैसे ही सरकारी दफ्तर खुलेंगे, किसान प्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक होगी।
इस बैठक में पावर ग्रिड के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे और किसानों की सहमति से अंतिम फैसला लिया जाएगा। एसडीएम ने किसानों से कहा कि वह अपने दस्तावेज समय से तैयार रखें और कमेटी की बैठक में उन्हें प्रस्तुत करें। एसडीएम के आश्वासन के बाद किसानों ने सहमति जताने के साथ ही कहा कि उनका एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलने के लिए गया हुआ है।
उनका संदेश आने पर वह आगामी कार्रवाई करेंगे। किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि उनके साथ किसी प्रकार की ज्यादती की गई या मुआवजे को लेकर टालमटोल किया गया तो वे दोबारा धरना शुरू करेंगे। इसके कुछ देर बाद किसानों ने अपने धरने को समाप्त कर दिया। इस अवसर पर कर्मबीर, पंडित मुकेश, सुरेंद्र, राजे, रतनपाल, अजीत, ध्रुव, देवेंद्र आदि मौजूद रहे।