सोनीपत। न्यायालय परिसर में डेढ़ दशक पहले कुख्यात संजय बुटानियां के चाचा ओमप्रकाश उर्फ प्रकाश फौजी की हत्या के मामले में नामजद आरोपी को क्राइम यूनिट सेक्टर-27 टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी मूलरूप से रोहतक के सुनारिया चौक व हाल जींद की शिव कॉलोनी निवासी विक्की है। आरोपी की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम था।
काइम यूनिट सेक्टर-27 प्रभारी अनिल पवार ने बताया कि 19 अक्तूबर, 2010 को सोनीपत कोर्ट में पेशी के लिए लेकर आए गांव बुटाना निवासी ओमप्रकाश उर्फ प्रकाश फौजी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ओमप्रकाश कुख्यात संजय बुटानिया का चाचा था। उसे वर्ष 2008 में हुई हत्या के मामले में सोनीपत कोर्ट में पेशी पर लाया गया था। मामले में पुलिस टीम को भी धक्का मारकर गिराया गया था। मामले में पुलिस ने बुटाना गांव के राकेश उर्फ राका व लक्ष्य उर्फ मोनू को मौके से काबू कर लिया था। वहीं दो साथी भाग गए थे। जिनकी पहचान मूलरूप से बुटाना व घटना के समय कासंड़ी निवासी कृष्ण और सुनारिया चौक रोहतक निवासी विक्की के रूप में हुई थी। मामले में आरोपी विक्की की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। उसकी गिरफ्तारी पर डीजीपी ने 25 हजार रुपये का इनाम रखा था। आरोपी को क्राइम यूनिट-27 प्रभारी अनिल पवार की टीम ने गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। आरोपी पर जींद में वर्ष 2019 में लूट व अवैध शस्त्र अधिनियम के दो मुकदमे दर्ज रहे हैं। आरोपी पुलिस से बचने को अलग-अलग स्थानों पर छिपता रहा। आरोपी की गिरफ्तारी पर वर्ष 2020 में 25 हजार रुपये का इनाम रखा गया था।
जमीन को लेकर हुए विवाद में हो चुकी नौ हत्या
गांव बुटाना में संजय बुटानिया व दूसरे पक्ष के बीच जमीन को लेकर वर्ष 1995 में विवाद शुरू हुआ था। जिसमें अब तक नौ हत्या हो चुकी है। यह विवाद काफी चर्चित हुआ था। इसमें दो हत्या अदालत परिसर व एक जेल में हो चुकी है। विवाद में वर्ष 2009 सोनीपत कोर्ट परिसर के अंदर ही संजय बुटानियां की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके बाद वर्ष 2010 में कोर्ट परिसर के अंदर संजय बुटानिया के चाचा ओमप्रकाश की हत्या हुई। इतना ही नहीं इसी विवाद में वर्ष 2021 में कासंडी के जगबीर की जिला कारागार में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
डेढ़ दशक पहले हुई हत्या के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उससे गहनता से पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है।
- अनिल पवार, प्रभारी, सीआईए सेक्टर-27 सोनीपत