सोनीपत। गांव खेड़ी दमकन में सीआरपीएफ जवान की हत्या के मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की। आरोपियों ने पुलिस के सामने कबूल किया कि वे सीआरपीएफ जवान के दोस्त की भी हत्या करना चाहते थे।
आरोपियों की कांवड़ लाने के दौरान सीआरपीएफ जवान कृष्ण और उसके साथियों से कहासुनी हुई थी। कृष्ण 30 दिन की छुट्टी लेकर घर आए थे। सावन में कृष्ण गांव के साथियों के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेने गए थे।
वहां से कांवड़ लेकर लौटते समय कृष्ण व उसके साथियों की गांव के ही निशांत व अजय से कहासुनी हो गई थी। इसके बाद वे कृष्ण व उसके साथी से रंजिश रखे हुए थे। 27 जुलाई को कृष्ण भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में दाखिल पत्नी और नवजात बेटे से मिलकर घर आए थे। इसके बाद वे गांव में जौली मार्ग की तरफ टहलने गए थे। वहां पर निशांत व अजय ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।
सदर थाना गोहाना की पुलिस ने वारदात को अंजाम देने में निशांत व अजय के सहयोगी उनके गांव के प्रवीन, मोहित व सागर को गिरफ्तार किया है। तीनों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश करके एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया।
सदर थाना के प्रभारी लाल सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कांवड़ लाने के दौरान ही हुई कहासुनी पर कृष्ण के अलावा गांव के आनंद की भी हत्या करने की योजना थी लेकिन वह बच गया।
हरिद्वार जाने से पहले निशांत ने मोहित के पास लोडिड अवैध हथियार रखा था। उस समय उसके साथ सागर व प्रवीन थे। वारदात के दिन वे मोहित से हथियार लेकर गए थे। इसके बाद सभी कार में गोहाना से गांव गए। निशांत व अजय कार से उतरकर सीआरपीएफ जवान कृष्ण के सीने पर दो फायर किए जिससे उनकी मौत हो गई।