गन्नौर। शहर की गलियों और सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंशों से जल्द ही निजात मिलने की उम्मीद जगी है। नगर पालिका की ओर से लगाए गए टेंडर को अब खोल दिया गया है। एक एजेंसी से मोलभाव कर लिया गया है। आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद टेंडर एजेंसी को अलाट कर दिया जाएगा।
गन्नौर की गोशालाएं पहले से ही भरी हुई हैं जिसकी वजह से गोवंशों को सोनीपत की नंदीशाला में छोड़ा जाएगा। नगर पालिका एजेंसी को दो वर्षों के लिए टेंडर देगी। एजेंसी ने 1110 रुपये प्रति गोवंश का भुगतान मांगा है मगर अभी नपा ने इस पर सहमति नहीं जताई है।
दो साल पहले लगा था टेंडर
नगर पालिका ने जून 2023 में बेसहारा गोवंशों को पकड़ने और सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी। शुरुआत के कुछ दिनों तक ठेकेदार ने काम किया था लेकिन गोशालाओं में पर्याप्त स्थान नहीं होने के कारण पशुपालन विभाग ने गोवंशों की टैगिंग नहीं की। इससे गोवंश की पहचान सुनिश्चित नहीं हो पाई। भुगतान प्रक्रिया बाधित हुई तो ठेकेदार ने बीच में ही काम छोड़ दिया था।
शहर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाना है : नपाध्यक्ष
नगर पालिका अध्यक्ष अरुण त्यागी ने कहा कि प्राथमिकता के सात शहर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाना है। बेसहारा गोवंशों को सड़कों से हटाने से लोगों को राहत मिलने के साथ गोवंश को भी उचित देखभाल और संरक्षण मिलेगा।